पार्वती पहाड़ पर स्थापित मूर्ति चोरी !

Updated at : 26 Nov 2015 6:51 PM (IST)
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पार्वती पहाड़ पर स्थापित मूर्ति चोरी !

पार्वती पहाड़ पर स्थापित मूर्ति चोरी !म्यामार, अमेरिका व थाई बौद्ध अनुयायियों ने की थी मूर्ति की स्थापना गार्ड ने किया चोरी की घटना से इनकार फोटो-2 प्रतिनिधि, काशीचकपिछले सप्ताह प्रखंड के पार्वती गांव स्थित ऐतिहासिक पार्वती पहाड़ पर म्यामार, अमेरिका, चीन व थाईलैंड के पर्यटकों ने बुद्ध की मूर्ति स्थापित की थी. इसके चोरी […]

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पार्वती पहाड़ पर स्थापित मूर्ति चोरी !म्यामार, अमेरिका व थाई बौद्ध अनुयायियों ने की थी मूर्ति की स्थापना गार्ड ने किया चोरी की घटना से इनकार फोटो-2 प्रतिनिधि, काशीचकपिछले सप्ताह प्रखंड के पार्वती गांव स्थित ऐतिहासिक पार्वती पहाड़ पर म्यामार, अमेरिका, चीन व थाईलैंड के पर्यटकों ने बुद्ध की मूर्ति स्थापित की थी. इसके चोरी हो जाने से लोगों में निराशा है. जानकारी के अनुसार, बौद्ध धर्मावलंबियों द्वारा तीन मूर्तियां लायी गयी थी. इसमें एक गुफा के अंदर, एक उपरी तल पर व पीपल पेड़ के नीचे स्थापित की गयी थी. इसके बुधवार की रात चोरी हो जाने की खबर है़ गौरतलब है कि गुफा में छिपे अवशेषों की खोजबीन करने अंतराष्ट्रीय बौध संघ, बिहार के तहत तीन सौ बौद्ध भिक्षुओं ने पहाड़ के पीपल वृक्ष के नीचे चार फुट की बुद्ध मूर्ति स्थापित की थी. विदेशी पर्यटक डॉ यूएन पनियान लिंकारा विलियम, पाण्यालिंकारा (चीन), भंते थाना विजय (श्री लंका) ने पार्वती पहाड़ के विकास के लिए हर संभव आर्थिक मदद की बात कहीं थी. जानकारी के अनुसार, इस पहाड़ पर भगवान बुद्ध के विश्राम व इंद्र से वर्तालाप व गुफा में खींची तसवीरें प्रतापी राजा आदित्य सेन के विश्राम करने के कमरे होने की बात को स्पष्ट करती है़ जहां बरसात के मौसम में पानी से बचने के लिए शिष्यों ने गुफा का निर्माण करा कर बुद्ध के लिए शरणस्थली होने के वर्णन की जानकारी मिली है. यह बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए महत्वपूर्ण है़ गौरतलब है कि वैदिक पर्वत पावर्ती के इंद्रशाल गुहा में भगवान बुद्ध ज्ञान प्राप्ति के बाद बोध गया से विक्रमशिला जाने के क्रम में यहां रूके थे. जहां इंद्र के साथ उनका शास्त्रार्थ हुआ था़ इसका मुख्य उद्देश्य सुरंग के जरिये तालाब में स्नान कर प्रसिद्ध अपसढ़ गढ़ में पूजा-पाठ कर महारानी को पुन: लौटना था़ ताकि, आम लोगों की नजर उन पर न पड़ें. इसका वर्णन भारत भ्रमण पुस्तक में मिलता है़ हाल के दिनों में इस पहाड़ की सुरक्षा व सौदर्यीकरण को लेकर लाखों रुपये की योजना से पूरे पहाड़ की घेराबंदी की गयी है. साथ ही पर्यटकों की सुविधा को लेकर ऊपरी शिखर तक पहुंचने के लिए पहाड़़ की कटाई कर रास्ता का निर्माण कराया गया है़ यहां नियुक्ति गार्ड रामाअवतार ने कहा कि, बुधवार की रात सात बजे तीन स्काॅर्पियो से 25 बौद्ध भिक्षु व नालंदा के अनिल कुमार नाम के व्यक्ति रात में आये और इस मूर्ति के स्थापित करने की प्रक्रिया को गलत बताते हुए नियमों के विपरीत मूर्ति स्थापित की बात बताते हुए मूर्ति लेकर चले गये. इधर, ग्रामीण सविता देवी, गीता देवी व मनोज कुमार ने बताया कि मूर्ति चोरी कर चोर भाग गये हैं. यह पार्वती पहाड़ के विकास में बाधक होगा़ गार्ड को वैसे लोगों को रोकना चाहिए था और इसकी सूचना ग्रामीणों और थाना को दी जानी चाहिए थी़ इधर, शाहपुर प्रभारी ने कहा कि गार्ड द्वारा सूचना मिली है. लेकिन उसने चोरी की घटना से इनकार किया है़ मामले की जांच की जा रही है़ पूछताछ व छानबीन कर उचित निर्णय लिया जायेगा. आरोप सिद्ध होने पर कार्रवाई की जायेगी.

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