छह माह में करेंट से तीसरी मौत

Published at :19 Feb 2015 12:55 AM (IST)
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छह माह में करेंट से तीसरी मौत

हिसुआ : क्षेत्र में बिजली के जजर्र तार, विभाग की लापरवाही व निजी स्तर से काम कराने के कारण हादसे हो रहे हैं. सितंबर 2014 से अभी तक करेंट लगने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, एक-दो घटनाएं तो उजागर भी नहीं हुई है. बिजली के होने वाले हादसों के प्रति न […]

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हिसुआ : क्षेत्र में बिजली के जजर्र तार, विभाग की लापरवाही व निजी स्तर से काम कराने के कारण हादसे हो रहे हैं. सितंबर 2014 से अभी तक करेंट लगने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, एक-दो घटनाएं तो उजागर भी नहीं हुई है. बिजली के होने वाले हादसों के प्रति न विभाग चेत रहा है और न ही स्थानीय स्तार पर काम कराने वाले लोग बुधवार को सिंघौली गांव में हुए हादसे में पांच लोगों को करेंट लगा.
यहां निजी स्तर पर काम करने के दौरान लोहे का पोल बिजली के 11 हजार वोल्ट के तार पर गिर गया, जिससे तार टूट गया. इससे पहले जो ट्रांसफॉर्मर जला है उसी के निकट 2 सितंबर को करेंट लगने से रामसहाय महतो के 21 वर्षीय पुत्र पंकज कुमार की मौत हो गयी थी. उस समय बताया गया था कि पंकज धान की के खेत में लगे ट्रांसफॉर्मर के नीचे निकौनी करने गया था. पर, वहां भी कुछ निजी स्तर पर काम कराये जाने की ही बात थी.
जिस समय अचानक ट्रांसफॉर्मर में शॉर्ट हुआ और ट्रांसफॉर्मर का अर्थिग व पानी में करेंट आ गया. उसी जले ट्रांसफॉर्मर की जगह दूसरा नया ट्रांसफॉर्मर आया था, जिसे लगाने के लिए लोग उतावले थे. गांव के लोगों का विभाग पर आरोप है कि जब नया ट्रांसफॉर्मर आया तो विभाग क्यों उसे जल्द चालू कराने को लेकर पहल नहीं किया.
इसके लिए लोग विभाग का चक्कर लगाते रहे और फिर निजी स्तर पर काम कराना पड़ा. जब काम चल रहा था तो बिजली क्यों नहीं काटी गयी. गौरतलब है कि 29 दिसंबर को भी एकनार गांव में उत्क्रमित मध्य विद्यालय के समीप पीएचइडी के पानी टंकी की सप्लाइ के लिए ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ कर काम करने वाले बिजली कर्मी मिथिलेश राजवंशी की मौत करेंट लगने से हो गयी. नौ साल पहले भी शहर के राजगीर रोड के गौरैया स्थान के समीप पोल पर चढ़ कर बढ़ही बिगहा निवासी बिजली कर्मी जनार्दन प्रसाद काम कर रहे थे, तभी अचानक तार में करेंट आ गया. जनार्दन प्रसाद बेहोश होकर तार में लटक गये थे.
उनका हाथ, पीठ सहित शरीर बुरी तरह से झुलस गये पर वह बच गये. काफी दिनों तक बर्न हॉस्पिटल, पटना में इलाज चलने के बाद वह ठीक हुए थे. जाहिर है कि बिजली के हादसे के मामले में विभाग भी लापरवाह है और काम कराने वाले लोग भी. बुधवार की घटना से सिंधौली के लोग काफी मर्माहत हैं. बिजली आये या न आये लोग जाम जोखिम में अब नहीं डालने की बात कह रहे हैं.
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