कौआकोल (नवादा) : जिले के कौआकोल से 24 मई की शाम कदहर चंद्रदीप मुख्य पथ पर कदहर नहर के पास से अगवा जमुई जिले के सिकंदरा के तीनों युवकों की हत्या कर दी गयी है. अपहरण के छह दिनों के बाद भोरमबाग जंगल की ऊंची पहाड़ी से तीनों के शव बरामद किये गये हैं. थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि जंगल में लकड़ी चुनने गये ग्रामीणों ने शवों को देखा. इसके बाद पुलिस को सूचना दी कि कौआकोल के भोरमबाग महादेव मंठ के पास विपरीत साइड में पहाड़ी अवस्थित जंगल में तीन शव पड़े हैं.
परिजनों ने भी घटनास्थल से मिले मोबाइल, हाथ का बाला, गले का ताबीज व पैर के जूते से शवों की शिनाख्त की. इसमें एक युवक राजकुमार उर्फ पल्लू यादव के पॉकेट से आधार कार्ड भी बरामद किया गया. आशंका जतायी जा रही है कि अपहरण के बाद घटनास्थल से महज तीन किलोमीटर दूर भोरमबाग स्थित जंगल में ले जाकर अपहरणकर्ताओं ने उसी रात तीनों युवकों की गोली मार कर या फिर तेज धारदार हथियार से हत्या कर दी तथा शवों को केमिकल व तेजाब से क्षत-विक्षत कर दिया.
गौरतलब है कि कौआकोल के कदहर नहर के पास से 24 मई की शाम सात बजे बोलेरो सवार अपराधियों ने कौआकोल से दो बाइकों से सिकंदरा अपने घर जा रहे राजकुमार उर्फ पल्लू यादव, जितेंद्र कुमार उर्फ रिंकू व विक्की कुमार रजक का अपहरण कर लिया था.
विरोध में बंद रहीं सिकंदरा की दुकानें
सिकंदरा (जमुई). बुधवार की सुबह तीनों युवक की लाश सिकंदरा पहुंचते ही सनसनी फैल गयी. देखते-ही-देखते बाजार की सभी दुकानें बंद हो गयीं. इस घटना से व्यवसायियों में आक्रोश था. व्यवसायियों ने विरोध जताते हुए अपनी दुकानें बंद कर दीं. इस दौरान सिकंदरा में बड़े दुकानदारों से लेकर फुटपाथी दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें बंद रखीं. बस स्टैंड में खड़े सभी वाहन के चालक भी एक एक कर वाहन लेकर मौके से निकल गये.
