नवादा : महादलित टोले पर हमला, चार घर फूंके, कई पशुओं की जलने से हुई मौत

Updated at : 24 Dec 2018 7:27 AM (IST)
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नवादा : महादलित टोले पर हमला, चार घर फूंके, कई पशुओं की जलने से हुई मौत

नदी की अवैध ढंग से बंदोबस्ती करा घेराबंदी करने का किया था विरोध धान के पुंज में भी लगायी आग पीड़ित परिवार ने रात के समय किसी तरह भाग कर बचायी अपनी जान नरहट (नवादा) : नवादा जिले के नरहट थाने के खनवां गांव से गुजरनेवाली दोनैया नदी का अवैध ढंग से बंदोबस्ती करा कर […]

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नदी की अवैध ढंग से बंदोबस्ती करा घेराबंदी करने का किया था विरोध
धान के पुंज में भी लगायी आग
पीड़ित परिवार ने रात के समय किसी तरह भाग कर बचायी अपनी जान
नरहट (नवादा) : नवादा जिले के नरहट थाने के खनवां गांव से गुजरनेवाली दोनैया नदी का अवैध ढंग से बंदोबस्ती करा कर घेराबंदी करने का विरोध करनेवाले लोगों पर दबंगों का कहर टूट पड़ा.
शनिवार की देर रात लगभग 12 बजे रात में एक दर्जन हथियारबंद अपराधियों ने खनवां गांव के खुशियाल बिगहा महादलित टोले पर हमला कर दिया. इस दौरान पीड़ित परिवार ने रात के समय किसी तरह भाग कर अपनी जान बचायी. हमलावरों ने कारू राजवंशी, भोला राजवंशी, जगदीश राजवंशी व रमेश चौधरी के घरों में आग लगा दी. इसमें कपड़े, बर्तन, अनाज व कागजी दस्तावेज जल कर राख हो गये. वहीं, कई पशु भाग गये, परंतु एक बकरी समेत तीन पशु जल कर मर गये. हमलावरों ने उक्त टोला के प्रभु चौधरी के धान के पुंज में भी आग लगा दी.
नरहट थाने में पीड़ित परिवारों की ओर से लिखित आवेदन देकर कांड दर्ज कराया गया है. इसमें खनवां गांव के गढ़ टोला के राजीव सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, अंकित कुमार, रणजीत सिंह, पप्पू सिंह, गुलशन कुमार व मोरध्वज सिंह समेत 22 लोगों को नामजद अारोपित बनाया गया है.
क्या है पूरा मामला
खनवां गांव के पूरब से गुजरने वाली दो नैया नदी की सार्वजनिक भूमि जो पुराने व नये खतियान में दो नैया नदी के नाम पर दर्ज है. इसकी 11 एकड़ भूमि का हुक्मनामा ओढ़नपुर के जमींदार द्वारा 1940 में खनवां के बालेश्वर सिंह के नाम पर बंदोबस्त होने का दावा किया गया है. इसी हुक्मनामे को आधार बनाकर स्व बालेश्वर सिंह के वंशज राजीव सिंह आदि द्वारा इस जमीन पर पिछले एक सप्ताह से जेसीबी आदि लगा कर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है.
उक्त खाता की भूमि खुशियाल बिगहा टोला के 25 महादलित परिवारों को विहित प्रक्रिया अपनाकर तीन-तीन डिसमिल जमीन रजौली के एसडीओ ने वर्ष 2013 में विधिवत बंदोबस्त किया. पर्चाधारी महादलित परिवार बंदोबस्त भूमि पर अपना घर बना कर वर्षों से रह रहे हैं. पिछले एक सप्ताह से दबंगों द्वारा नदी की उस भूमि पर शौच आदि करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था. उनके द्वारा लगाये गये पेड़-पौधों को भी हटाने तथा घरों की खिड़कियों के दरवाजे बंद करने का फरमान जारी किया गया था.
सीओ व थानाध्यक्ष से धक्का-मुक्की
सूचना पर रविवार की सुबह खनवां गांव पहुंचे नरहट के सीओ महेश प्रसाद सिंह व थानाध्यक्ष धर्मेंद्र प्रसाद के साथ ग्रामीणों ने दुर्व्यवहार करते हुए धक्का मुक्की की व नारेबाजी की. खबर लिखे जाने तक पीड़ित परिवारों ने नरहट थाने में शरण ले रखी थी.
वे गांव जाने को तैयार नहीं थे. पीड़ित परिवारों ने सुरक्षा की गुहार लगायी है. इधर, रजौली के एसडीओ चंद्रशेखर आजाद ने नरहट के थानाध्यक्ष को आदेश दिया है कि पीड़ित परिवारों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये व टोले में पुलिस की सघन गश्ती की जाये.
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