इमरजेंसी से एक्स-रे केंद्र जाने को भी बाइक का सहारा
Updated at : 05 Jan 2018 6:03 AM (IST)
विज्ञापन

सदर अस्पताल में पर्याप्त स्ट्रेचर की नहीं है सुविधा बस की चपेट में आने से घायल बच्ची के परिजनों को हुई दिक्कत नवादा : सदर अस्पताल में इलाज की व्यवस्था दिन प्रतिदिन चरमराती जा रही है. प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिये गये निर्देश के बावजूद सदर अस्पताल में ब भी स्ट्रेचर की कमी मरीजों […]
विज्ञापन
सदर अस्पताल में पर्याप्त स्ट्रेचर की नहीं है सुविधा
बस की चपेट में आने से घायल बच्ची के परिजनों को हुई दिक्कत
नवादा : सदर अस्पताल में इलाज की व्यवस्था दिन प्रतिदिन चरमराती जा रही है. प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिये गये निर्देश के बावजूद सदर अस्पताल में ब भी स्ट्रेचर की कमी मरीजों को परेशान कर रही है़ स्ट्रेचर के अभाव में कभी मरीजों को गोद में उठा कर, कभी साइकिल पर बिठा कर तो कभी बाइक पर बिठा कर इमरजेंसी से एक्स-रे केंद्र तक ले जाया जाता है. जबकि एक्स-रे केंद्र सदर अस्पताल के कैंपस में ही है. गुरुवार को भी सदर अस्पताल में कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिली.
नगर थाना क्षेत्र के नवादा-हिसुआ सड़क मार्ग पर महुली गांव के समीप महुली के अवधेश कुमार की पुत्री पिंकी कुमारी बस की चपेट में आकर गंभीर रूप से जख्मी हो गयी थी. उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. बच्ची के पैर के ऑपरेशन के उपरांत डॉक्टरों ने जब उसे एक्स-रे कराने की सलाह दी, तो इमरजेंसी से एक्स-रे केंद्र तक जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला. मजबूरन मरीज के परिजनों ने मरीज को बाइक से ही एक्सरे केंद्र तक पहुंचाना पड़ा. इससे पहले भी कई बार सदर अस्पताल में स्ट्रेचर की कमी के कारण मरीजों को गोद में उठा कर गंतव्य स्थान तक ले जाया गया. सदर अस्पताल में स्ट्रेचर ही नहीं कई अन्य सुविधाओं की कमी भी देखने को मिलते रही है.
यहां बता दें कि सदर अस्पताल की कुव्यवस्था का आलम पर कई बार रोगियों के परिजनों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा भी कर चुके हैं. स्थिति यह हो गयी है कि यहां के अधिकारी हंगामा झेलने के आदि हो चुके हैं. गौरतलब हो कि पिछले महीने भदौनी में राजा नाम के एक युवक को पीट-पीट कर अधमरा किये जाने के बाद जब वह जिंदगी मौत से जूझ रहा था़ तब उसे पुलिस जवानों ने जब सदर अस्पताल लाया, तो उस समय भी कोई कर्मी गाड़ी से उतारने वाला नहीं था, परिणाम स्वरूप युवक ने वहीं कराहते-कराहते दम तोड़ दिया था. बावजूद सदर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हो सकी.
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
स्ट्रेचर की कमी नहीं है, परंतु समय पर उपलब्ध नहीं हो सका. इसके लिए दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने दवाओं की कमी के संबंध में बताया कि स्टॉक में दवाएं उपलब्ध नहीं रहने पर दवाओं की बड़ी खेप सरकार से मंगायी जा रही है.
डॉ श्रीनाथ प्रसाद, सिविल सर्जन
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




