एमडीएम से अलग हुए शिक्षक ,स्कूलों में नहीं जलेंगे चूल्हे
Updated at : 05 Dec 2017 7:13 AM (IST)
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गोलबंदी. हाइकोर्ट के फैसले पर शिक्षक हुए एकजुट, जांच के नाम पर शोषण करने का लगाया गया आरोप जिले के कई प्रखंडों में आज से गोलबंद होंगे प्रधानाध्यापक नवादा नगर : सरकारी स्कूलों में संचालित हो रहे मध्याह्न भोजन योजना से खुद को अलग करने की घोषणा स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के द्वारा की जा रही […]
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गोलबंदी. हाइकोर्ट के फैसले पर शिक्षक हुए एकजुट, जांच के नाम पर शोषण करने का लगाया गया आरोप
जिले के कई प्रखंडों में आज से गोलबंद होंगे प्रधानाध्यापक
नवादा नगर : सरकारी स्कूलों में संचालित हो रहे मध्याह्न भोजन योजना से खुद को अलग करने की घोषणा स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के द्वारा की जा रही है. बच्चों को स्कूल से जोड़ने तथा गरीब व जरूरतमंद बच्चों को स्कूल में ही पौष्टिक भोजन दोपहर में दिलाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मध्याह्न भोजन योजना का संचालन किया जा रहा है. छह से 14 साल तक के बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य स्कूली शिक्षा दी जानी है़ इसके लिए बच्चों को स्कूल तक लाना जरूरी है.
मध्याह्न भोजन योजना बच्चों को स्कूल से जोड़ने का अहम साधन बनता है. पिछले दिनों जिले के स्कूलों में लगातर चल रही जांच से कई स्कूलों में एमडीएम संचालन कर रहे प्रधानाध्यापकों पर गड़बड़ी का आरोप लगा कर रुपये की रिकवरी की गयी है. जिला प्रशासन के दवाब से लगातार स्कूलों में शिक्षा विभाग जांच कर रहा है़़
इसमें बड़ी संख्या में स्कूली शिक्षकों की एमडीएम योजना के संचालन में गड़बड़ी पकड़ी जा रही है. जिले के वारिसलीगंज, अकबरपुर, नवादा, हिसुआ, पकरीवरावां, काशीचक आदि प्रखंडों में पांच दिसंबर से एमडीएम से प्रधानाध्यापक अलग होने की घोषणा कर चुके हैं. स्कूल के प्रधानाध्यापकों ने कहा कि हाइकोर्ट ने अपने आदेश में स्कूल के शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाने को कहा है. बावजूद शिक्षकों को एमडीएम का जिम्मा दिया गया है.
संघ के द्वारा शिक्षकों से एमडीएम से अलग रहते हुए शैक्षणिक कार्यों को करने का आह्वान किया गया. संघ के उपाध्यक्ष गोपाल शरण ने कहा कि गैर शैक्षणिक काम के रूप में एमडीएम का कार्य शिक्षकों से कराया जा रहा है़ इससे स्कूल में पठन-पाठन भी प्रभावित होता है. स्कूल, शिक्षक व छात्रों के हित को देखते हुए सभी शिक्षकों को एमडीएम से पूर्णरूपेण विमुक्त करने की मांग की गयी़ इस बाबत शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, एमडीएम के राज्य निदेशक, डीएम व डीईओ काे ज्ञापन भेज दिया गया है. प्रधानाध्यापक संघर्ष मोर्चा से जुड़े ओंकार नाथ राय, जेपी चक्रवर्ती, अनिल, सरोज कुमार, शैलेंद्र कुमार, भरत कुमार आदि ने आवेदन भेजा है़
जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ने किया आह्वान
जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रभारी जिलाध्यक्ष मिथिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि जिलाध्यक्ष विंदेश्वरी प्रसाद ने जिले भर में हाइकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए एमडीएम से प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को अलग होने की अपील की. उन्होंने कहा कि वारिसलीगंज, अकबरपुर, पकरीबरावां, नवादा, काशीचक आदि प्रखंडों के प्रधानाध्यापकों एमडीएम से खुद को अलग होने की घोषणा कर दी है. शेष बचे प्रखंडों के शिक्षक भी इसमें शामिल हो रहे हैं.
जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के द्वारा डीएम, जिला शिक्षा पदाधिकारी, एमडीएम डीपीओ, स्थापना डीपीओ, बीडीओ व बीईओ को लिखित सूचना देकर प्रभारियों ने खुद को एमडीएम से अलग कर लिया है. जिलाध्यक्ष विंदेश्वरी प्रसाद सिंह ने कहा कि एमडीएम की वैकल्पिक व्यवस्था करना विभाग की जिम्मेदारी है. ़
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