घंटों राह रोक देता है रेल फाटक
Updated at : 22 Nov 2017 8:07 AM (IST)
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ओवरब्रिज के लिए साल भर पहले हुई थी मिट्टी की जांच रिपोर्ट नहीं दिये जाने के कारण पुल निर्माण की योजना अधर में अफसरों की लापरवाही से हो सकता है बड़ा हादसा नवादा : शहर से गुजरी नवादा-जमुई सड़क जिला मुख्यालय की गतिविधियों पर बुरा असर डाल रही है. इस सड़क पर निर्बाध रूप से […]
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ओवरब्रिज के लिए साल भर पहले हुई थी मिट्टी की जांच
रिपोर्ट नहीं दिये जाने के कारण पुल निर्माण की योजना अधर में
अफसरों की लापरवाही से हो सकता है बड़ा हादसा
नवादा : शहर से गुजरी नवादा-जमुई सड़क जिला मुख्यालय की गतिविधियों पर बुरा असर डाल रही है. इस सड़क पर निर्बाध रूप से गाड़ियों का परिचालन संभव नहीं हो पा रहा है. इस दिशा में सबसे बड़ी अड़चन केजी रेलखंड पर नवादा स्टेशन से सटे उत्तर में बना रेलवे फाटक नंबर तीन है.
इन दिनों इस रेलखंड से लगभग आठ जोड़ी ट्रेनों का आवागमन होता है. इस क्रम में रेलवे फाटक के बंद होने से लोगों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है. खासकर बच्चों को स्कूल पहुंचने, बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने, समय पर कार्यालय पहुंचनेवाले लोग हर दिन इस समस्या से दो-चार होते हैं. रेलवे की गुमटी बंद होने पर दोपहिया वाहन चालक, रिक्शा, ठेला आदि चलानेवाले रेल नियमों का उल्लंघन कर बंद फाटक के नीचे से गुजरते नजर आ जाते हैं.
इन्हीं परेशानियों से निजात पाने को लेकर इस फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की बात सामने आयी है. इसे लेकर गुमटी के पास स्वाइल टेस्टिंग भी करायी गयी थी. बताया जाता है इसके जरिए विभाग को स्थानीय मिट्टी की जटिलता का पता लगाना था, ताकि बननेवाले ओवरब्रिज को एक मजबूत आधार मिल सके. जानकारी के अनुसार, स्वाइल टेस्टिंग का काम पिछले साल नवंबर माह में कराया गया था. तब लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही ओवरब्रिज का काम शुरू हो जायेगा.
परंतु, एक साल बीत जाने के बाद भी लोगों में निराशा है. अब तक ओवरब्रिज निर्माण की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही है. बताया जाता है कोलकाता की सीपी इंजीनियरिंग कंपनी के द्वारा मिट्टी की जांच करायी गयी थी. लेकिन, अब तक इसकी रिपोर्ट विभाग को नहीं सौंपी गयी है.
हालांकि, इस संबंध में स्थानीय अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं करते हैं. स्टेशन प्रबंधक आइडी चौधरी ने बताया कि इससे संबंधित जानकारी तकनीकी विभाग को ही भेजी जाती है. ज्ञात को यह सड़क आम परिचालन के अलावा पर्यटन के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है. देवघर के अलावा जैन सर्किट को यह सड़क जोड़ती है.
साथ ही यह सड़क जमुई से आगे झारखंड और कोलकाता तक भी जाती है. इसके अलावा गया और पटना से भी इस सड़क का सीधा संबंध है. ऐसे में गुमटी का घंटों बंद रहना लोगों के लिए परेशानी का सबब है.
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