राजगीर मलमास मेले में बड़े झूलों पर लगी रोक, जानिए थियेटर और मनोरंजन साधनों को लेकर प्रशासन का नया आदेश

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मलमास मेले की तस्वीर

Rajgir Malmas Mela: मलमास मेले में युवक की मौत के बाद प्रशासन ने बड़े झूलों पर सख्ती बढ़ा दी है. इस फैसले से नाराज संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया, जिसके बाद मेले की रौनक फीकी पड़ गई है.

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Rajgir Malmas Mela: राजगीर के विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. मेले में लगे बड़े झूलों पर रोक लगा दी गई है. प्रशासन की इस सख्ती के बाद मेले में अचानक हड़कंप मच गया. झूला बंद होने के विरोध में संचालकों ने सर्कस और अन्य मनोरंजन के साधन भी बंद कर दिए. जिससे मेले की रौनक फीकी पड़ गई है. दूर-दराज से मनोरंजन के लिए पहुंचे लोग मायूस नजर आए.

युवक की मौत के बाद लिया गया फैसला

सोमवार रात मेले में ‘सुनामी’ झूले से गिरकर 18 वर्षीय अमन कुमार की मौत हो गई थी. जांच में सामने आया कि झूला बिना अनुमति के चल रहा था और उसकी सुरक्षा बेल्ट भी टूटी हुई थी. इस हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया और बड़े झूलों के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी. साथ ही मेले में चल रहे मनोरंजन साधनों की जांच भी शुरू कर दी गई है.

रात 11:30 बजे तक संचालन का आदेश

प्रशासन ने मेले में झूला और अन्य मनोरंजन साधनों के संचालन के लिए रात 11:30 बजे तक की समय सीमा तय की है. अधिकारियों का कहना है कि देर रात भीड़ बढ़ने से हादसे की आशंका रहती है, इसलिए यह फैसला सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है. लेकिन संचालकों का कहना है कि मेले में सबसे ज्यादा भीड़ रात में आती है. ऐसे में जल्दी बंद करने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

विरोध में बंद हुए थियेटर और तमाशे

प्रशासन की कार्रवाई से नाराज संचालकों ने विरोध शुरू कर दिया. मंगलवार शाम से कई थियेटर, सर्कस, जादू शो और अन्य तमाशों को बंद कर दिया गया. हालांकि कुछ संचालकों ने देर रात फिर से झूले चालू कर दिए, लेकिन माहौल तनावपूर्ण बना रहा. मेले में पहुंचे लोगों को मनोरंजन के साधन बंद मिलने से काफी निराशा हुई.

एसडीओ ने क्या कहा?

राजगीर के एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता ने कहा कि प्रशासन ने सिर्फ बड़े झूलों पर रोक लगाई है. थियेटर या छोटे मनोरंजन साधनों को बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है. उन्होंने बताया कि कुछ संचालकों ने खुद ही विरोध में अपने कार्यक्रम बंद किए हैं. प्रशासन लगातार संचालकों से बातचीत कर रहा है ताकि मेले में व्यवस्था सामान्य हो सके.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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