बिंद में डिग्री कॉलेज के स्थान चयन पर बढ़ा विवाद, प्रखंड मुख्यालय में स्थापना की मांग तेज

Published by : Vikas Jha Updated At : 03 Jun 2026 9:02 PM

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बिंद प्रखंड सह अंचल कार्यालय

Nalanda News: नालंदा जिले के बिंद प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज को मुख्यालय से दूर स्थापित करने की तैयारियों का स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है. इसे लेकर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताते हुए केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की गई है.

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Nalanda News (कंचन कुमार): नालंदा जिले में शैक्षणिक संस्थानों के स्थान चयन को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है. नगरनौसा में इंटर कॉलेज के स्थान चयन को लेकर हुए विरोध का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब बिंद प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज की स्थापना को लेकर लोगों में असंतोष उभरने लगा है. स्थानीय नागरिकों, छात्रों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय से दूर स्थापित करने की तैयारी की जा रही है, जिससे हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है.

नीतीश कुमार के कार्यकाल से कर रहे तुलना

स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और संस्थानों के स्थल चयन में जनहित को प्राथमिकता दी जाती थी. लोगों का दावा है कि उस समय अधिकारियों पर जवाबदेही अधिक थी और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग होती थी. कई नागरिकों का मानना है कि वर्तमान व्यवस्था में जनहित के मुद्दों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई दे रही है.

वरीय अधिकारियों से बातचीत के बाद बढ़ा असंतोष

हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के स्थान को लेकर जिले के एक वरीय अधिकारी के समक्ष अपनी आपत्तियां रखीं. लोगों का कहना है कि इस मुद्दे पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से मिले जवाबों ने उनकी चिंताओं को दूर करने के बजाय और बढ़ा दिया है. इसके बाद क्षेत्र में कॉलेज के स्थान चयन को लेकर बहस और तेज हो गई है.

जनप्रतिनिधियों के प्रभाव में काम करने का आरोप

कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पहले प्रशासनिक निर्णयों में राजनीतिक हस्तक्षेप कम दिखाई देता था. उनका कहना है कि अब कई मामलों में जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं को अधिक महत्व दिया जा रहा है, जबकि आम जनता की व्यावहारिक समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है. हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

प्रखंड मुख्यालय से दूर कॉलेज बनाए जाने का विरोध

डॉ. धीरज वेलफेयर फाउंडेशन समेत कई सामाजिक संगठनों ने प्रस्तावित डिग्री कॉलेज को बिंद प्रखंड मुख्यालय में स्थापित करने की मांग उठाई है. संगठनों का कहना है कि कॉलेज को उतरथु पंचायत क्षेत्र में स्थापित किए जाने की चर्चा है, जो अधिकांश पंचायतों से 16 से 18 किलोमीटर दूर पड़ता है. ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित रूप से कॉलेज पहुंचने में कठिनाई होगी.

छात्राओं और गरीब विद्यार्थियों पर पड़ेगा सबसे अधिक असर

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि दूरस्थ स्थान पर कॉलेज बनने से छात्राओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होगी. परिवहन सुविधा की कमी के कारण कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित भी हो सकते हैं. लोगों का मानना है कि शिक्षा संस्थानों का चयन ऐसे स्थान पर होना चाहिए जहां अधिकतम विद्यार्थियों की पहुंच आसान हो.

परिवहन और सड़क व्यवस्था को बताया बड़ी चुनौती

स्थानीय संगठनों ने कहा कि प्रस्तावित स्थल तक पहुंचने के लिए पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध नहीं है. कई ग्रामीण सड़कों की स्थिति भी खराब बताई जा रही है, जिससे आवागमन और कठिन हो सकता है. उनका कहना है कि यदि कॉलेज दूरस्थ क्षेत्र में स्थापित हुआ तो इसका असर नामांकन और छात्र उपस्थिति दोनों पर पड़ेगा.

प्रखंड मुख्यालय को बताया सबसे उपयुक्त स्थान

फाउंडेशन और स्थानीय नागरिकों का तर्क है कि बिंद प्रखंड मुख्यालय सभी पंचायतों के लिए अपेक्षाकृत केंद्रीय और सुविधाजनक स्थान है. यहां बेहतर सड़क संपर्क, बाजार, स्वास्थ्य सेवाएं, पुस्तकालय, कोचिंग संस्थान और अन्य आवश्यक सुविधाएं पहले से मौजूद हैं. इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है.

मॉडल विद्यालय परिसर में शुरू हो सकता है कॉलेज

डॉ. धीरज वेलफेयर फाउंडेशन ने सुझाव दिया है कि बिंद स्थित मॉडल विद्यालय परिसर में उपलब्ध भवनों का उपयोग कर प्रारंभिक स्तर पर डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू किया जा सकता है. इसके अलावा प्रखंड मुख्यालय के आसपास शिक्षा विभाग की पर्याप्त भूमि भी उपलब्ध बताई जा रही है. इससे स्थायी भवन निर्माण की दिशा में भी आसानी से आगे बढ़ा जा सकता है.

केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

फाउंडेशन ने केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दूबे को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है. संगठन ने आग्रह किया है कि छात्रों के हित, बेहतर शैक्षणिक माहौल और सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए कॉलेज की स्थापना प्रखंड मुख्यालय में कराई जाए. फाउंडेशन का कहना है कि इससे क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा और उनके भविष्य को नई दिशा मिलेगी.

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