नालंदा में CRPF जवान हत्याकांड में दोषी को उम्रकैद, एडीजे-8 ने सुनाया फैसला

एडीजे-08 रणविजय कुमार
Nalanda News : नालंदा जिले के बहुचर्चित सीआरपीएफ जवान हत्याकांड में बिहारशरीफ की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने हत्या और लूट के आरोपों को साक्ष्यों के आधार पर प्रमाणित मानते हुए दोषी को कड़ी सजा दी.
(बिहारशरीफ कार्यालय से कंचन कुमार की रिपोर्ट)
Nalanda News : नालंदा जिले के बहुचर्चित सीआरपीएफ जवान हत्याकांड में बिहारशरीफ की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने हत्या और लूट के आरोपों को साक्ष्यों के आधार पर प्रमाणित मानते हुए दोषी को कड़ी सजा दी. इस फैसले को नालंदा पुलिस और अभियोजन पक्ष की बड़ी सफलता माना जा रहा है.
बिहारशरीफ कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला
बिहारशरीफ के एडीजे-08 रणविजय कुमार की अदालत ने हरनौत थाना कांड संख्या 308/21 में आरोपी बब्लू कुमार उर्फ बब्लू यादव को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है. न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर हत्या एवं लूट के आरोप को साबित माना.
लूट का विरोध करने पर CRPF जवान को मारी गई थी गोली
करीब तीन वर्ष पूर्व हरनौत थाना क्षेत्र में तीन अपराधियों ने एक सीआरपीएफ जवान को लूट का निशाना बनाया था. जवान द्वारा विरोध किए जाने पर अपराधियों ने पीछे से गोली मार दी थी. गंभीर रूप से घायल जवान को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी.
घायल जवान का फर्द बयान बना सबसे बड़ा सबूत
घटना के बाद घायल जवान ने अपने फर्द बयान में पूरी वारदात का जिक्र किया था. उन्होंने तीन अपराधियों द्वारा लूटपाट और गोली मारने की जानकारी दी थी. अभियोजन पक्ष ने इस बयान को अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया, जिसने मामले को मजबूत आधार प्रदान किया.
वैज्ञानिक जांच ने खोली अपराध की परतें
नालंदा पुलिस ने मामले की जांच में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया. अनुसंधान के दौरान जुटाए गए भौतिक एवं डिजिटल प्रमाणों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट दाखिल की गई. यही साक्ष्य अदालत में दोष सिद्ध करने में निर्णायक साबित हुए.
हत्या के जुर्म में उम्रकैद और जुर्माना
अदालत ने आरोपी बब्लू यादव, निवासी जोरारपुर, थाना हरनौत को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई. जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
लूट के मामले में भी मिली 10 साल की सजा
न्यायालय ने आरोपी को धारा 394 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है. जुर्माना नहीं चुकाने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. अदालत ने हत्या और लूट दोनों मामलों में दोष सिद्ध होने पर यह फैसला दिया.
लोक अभियोजक की मजबूत पैरवी लाई रंग
मामले में लोक अभियोजक अजय कुमार रस्तोगी ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा. उन्होंने अदालत के समक्ष गवाहों और साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा दिलाने में सफलता मिली.
नालंदा पुलिस ने बताया बड़ी उपलब्धि
नालंदा पुलिस ने इस फैसले को सफल अनुसंधान, मजबूत साक्ष्य संकलन और प्रभावी अभियोजन का परिणाम बताया है. पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में आगे भी इसी प्रकार कार्य जारी रहेगा. यह फैसला जिले में कानून के शासन को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.
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