पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

Updated at : 21 Feb 2017 11:53 PM (IST)
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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

मार्च तक खुलेंगी 15 समितियां संभावना . जिले में दूध उत्पादन 70 हजार से बढ़ा कर एक लाख लीटर प्रतिदिन होगा बिहारशरीफ : नालंदा डेयरी के तहत चार लाख लीटर क्षमता का बिहारशरीफ में बना डेयरी प्लांट के निर्माण से इस क्षेत्र में दूध उत्पादन की असीम संभावनाएं पैदा हुई हैं. इस बात को ध्यान […]

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मार्च तक खुलेंगी 15 समितियां

संभावना . जिले में दूध उत्पादन 70 हजार से बढ़ा कर एक लाख लीटर प्रतिदिन होगा
बिहारशरीफ : नालंदा डेयरी के तहत चार लाख लीटर क्षमता का बिहारशरीफ में बना डेयरी प्लांट के निर्माण से इस क्षेत्र में दूध उत्पादन की असीम संभावनाएं पैदा हुई हैं. इस बात को ध्यान में रख कर जिले में दूध उत्पादन को बढ़ाने का प्रयास तेज कर दिया गया है. इसके लिए नयी-नयी दूध समितियां खोली जा रही हैं. मार्च तक जिले में 15 नयी समितियां खोले जाने का लक्ष्य है. वर्तमान समय में जिले में 70 हजार लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन हो रहा है. इसे बढ़ा कर एक लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है. जिन क्षेत्रों में दूध उपलब्ध है. उन क्षेत्रों में नयी दूध समितियां खोली जा रही है. दिसंबर माह से दूध का रेट फैट के आधार पर एक रुपये से ढाई रुपये तक बढ़ने के बाद दूध उत्पादक किसानों को थोड़ा फायदा हुआ है.
जिले में 650 दूध समितियां संचालित : जिले में 650 दूध संग्रह केंद्र संचालित हैं, जो पूरी तरह कार्य कर रहे हैं. करीब 100 दूध संग्रह केंद्र ऐसे हैं जो पूरी तरह कार्य नहीं कर रहे हैं. ऐसी समितियों को एक बार फिर से पुनर्जीवित किया जायेगा. इन दूध समितियों से जुड़े दूध उत्पादक किसानों को समय-समय पर गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादन करने की ट्रेनिंग दी जा रही है. दूध उत्पादन को प्रभावित करनेवाले रोगों जैसे मुंहपका, खुरहा, थनैला पर रोकथाम के लिए पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है.
जिले में हैं कई दूध शीतक केंद्र : किसानों से संग्रह किये जाने वाला दूध सही-सलामत रहे, इसके लिए जिले में कई दूध शीतक केंद्र संचालित किये जा रहे हैं. इनमें बाजार समिति प्रांगण में 15 हजार लीटर क्षमता, एकंगरसराय में 10 हजार लीटर क्षमता, मुढ़ारी में 15 हजार लीटर क्षमता, अस्थावां में 15 हजार लीटर एवं सरमेरा में सात हजार लीटर क्षमता का दूध शीतक केंद्र हैं.
कई समितियों का कार्य बेहतर :
जिले में कई दूध समितियों का कार्य बेहतर है. एक-एक दूध समिति में 1200 लीटर प्रतिदिन दूध संग्रह किया जा रहा है. ऐसी समितियों में नीरपुर-जलालपुर, बेन, नारी, दामोदरपुर व अन्य दूध समितियां हैं.
क्या कहते हैं डेयरी प्रतिनिधि
”जिले में दूध उत्पादन की असीम क्षमता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए जिले में दूध समितियां खोली जा रही हैं. जिले में फिलहाल प्रतिदिन लगभग 70 हजार लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है. इसे बढ़ा कर एक लाख लीटर प्रतिदिन करने की योजना है.”
ओम प्रकाश, डेयरी प्रतिनिधि, बाजार समिति, बिहारशरीफ
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