फोर सीटर रोपवे की सुविधा अगले साल से होगी शुरू

Updated at : 24 Jan 2017 6:22 AM (IST)
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फोर सीटर रोपवे की सुविधा अगले साल से होगी शुरू

योजना. निर्माण को लेकर युद्ध स्तर पर कार्य शुरू निर्माण को लेकर की गयी स्वाइल टेस्टिंग राजगीर : अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर के रत्नागिरी पर्वत पर फोर सीटर रोपवे का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है. यह फोर सीटर रोपवे का निर्माण कार्य पुराने सिंगल सीटर रोपवे से सटे पि›म की ओर […]

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योजना. निर्माण को लेकर युद्ध स्तर पर कार्य शुरू

निर्माण को लेकर की गयी स्वाइल टेस्टिंग
राजगीर : अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर के रत्नागिरी पर्वत पर फोर सीटर रोपवे का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है. यह फोर सीटर रोपवे का निर्माण कार्य पुराने सिंगल सीटर रोपवे से सटे पि›म की ओर कराया जा रहा है. रोपवे निर्माण के लिए पहाड़ के ऊपर की झाड़ियों को काटने का काम पूरा कर लिया गया है. अब रोपवे के पोल गाड़ने के लिए स्वाइल टेस्टिंग का काम शुरू कर दिया गया है. स्वाइल टेस्टिंग के लिए पहाड़ के ऊपर बड़े-बड़े मशीन लगाये गये हैं.
स्वाइल टेस्टिंग से यह पता लगाया जा रहा है कि उक्त स्थल पर कितनी गहराई तक पोल गाड़ना है और यह पोल कितना वजन उठा सकेगा. बताते चले कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने प्रवास यात्रा के दौरान वर्ष 2009 में ही फोर सीटर रोपवे निर्माण का फैसला लिया था. वन विभाग से क्लियरेंस होने में काफी समय लगने के कारण इसे सरजमीन पर उतरने में इतना समय लग गया. लेकिन अब क्लियरेंस मिल जाने के बाद इसके निर्माण का कार्य काफी तीव्र गति से शुरू किया गया है.
600 मीटर लंबा होगा फोर सीटर रोपवे :
जानकारी के अनुसार फोर सीटर रोपवे की कुल लंबाई 600 मीटर होगा. जिसमें कुल 28 केबिन होंगे. प्रत्येक केबिन में चार लोग बैठ सकेंगे. बिहार स्टेट टूरिज्म डेवलप कारपोरेशन ने इसके निर्माण की जिम्मेवारी राइटस को दी है. राइट्स ने यह काम कोलकाता की कंपनी कन्वेयर एंड रोपवे के देखरेख में करा रही है.
यूरोप मॉडल का ऑटोमेटिक मोड पर निर्मित होगा केबिन :
रोपवे में लगने वाला केबिन यूरोप के देशों से मंगाया जायेगा. यह केबिन ऑटोमेटिक और पूरी तरह से सुरक्षित होता है. इसका भार क्षमता 320 किलो होता है. जबकि छह सीटर रोपवे का भार क्षमता 480 किलो का होता है. इस रोपवे का स्पीड साढ़े तीन मीटर प्रति सेकेंड होगा. अर्थात 14 मिनट में यह 600 मीटर का एक चक्कर पूरा कर लेगा. इसकी खासियत यह होगी की यह निरंतर चलता रहेगा और लोगों के चढ़ने व उतरने के लिए केबिन को गियर के माध्यम से चलती रोपवे से अलग कर दिया जायेगा. अलग किये गये केबिन को उतरने-चढ़ने के लिए बनाये गये प्लेटफार्म पर ले जाया जायेगा. जहां से लोग आराम से उतर व चढ़ सकेंगे.
12 माह में बन कर तैयार हो जायेगा फोर सीटर रोपवे
रोपवे के निर्माण का कार्य वर्ष 2018 के फरवरी माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इसका निर्माण फरवरी के अंत तक पूरा कर भी लिये जाने का समय निर्धारित किया गया है.
बच्चे भी कर सकेंगे सैर
बताते चले कि अभी राजगीर में विश्व शांति स्तूप पर चढ़ने हेतु बने वर्तमान रोपवे में चलते हुए रोपवे में ही लोगों को चढ़ना व उतरना पड़ता है. इस वजह से पांच साल के बच्चे इसके सैर करने से वंचित रह जाते हैं. जबकि नये फोर सीटर रोपवे में बच्चे भी इसका आनंद ले सकेंगे.
बनाया जायेगा दो प्लेटफार्म
फोर सीटर रोपवे पर चढ़ने व उतरने के लिए दो प्लेटफार्म का निर्माण किया जायेगा. जो काफी उत्कृष्ट व आधुनिक तकनीक से बना होगा. वहीं यात्रियों की प्रतीक्षा के लिए एक वातानुकूलित अत्याधुनिक प्रतीक्षालय का भी निर्माण कराया जायेगा.
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