शांति स्तूप में भारत व जापान की संस्कृति : राज्यपाल

Updated at : 26 Oct 2016 4:02 AM (IST)
विज्ञापन
शांति स्तूप में भारत व जापान की संस्कृति : राज्यपाल

राजगीर में विश्व शांति स्तूप की 47वीं वर्षगांठ राजगीर (नालंदा) : विश्व शांति स्तूप की 47वीं वर्षगांठ पर राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कहा कि इसमें भारत व जापान की सभ्यता व संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिलती है. इसमें ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के राजा-महाराजा व बौद्ध काल का जीवंत अस्तित्व छुपा है. महाराजा बिंबिसार व […]

विज्ञापन

राजगीर में विश्व शांति स्तूप की 47वीं वर्षगांठ

राजगीर (नालंदा) : विश्व शांति स्तूप की 47वीं वर्षगांठ पर राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने कहा कि इसमें भारत व जापान की सभ्यता व संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिलती है. इसमें ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के राजा-महाराजा व बौद्ध काल का जीवंत अस्तित्व छुपा है. महाराजा बिंबिसार व उनके पुत्र अजातशत्रु के अलावा सम्राट अशोक ने भी बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पण दिखाया था. उन्होंने बौद्ध मंत्र ‘ना मु म्यों हो रें गें क्यों’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस मंत्र में सृष्टि को संवारने और सूर्य की महिमा का गुणगान है. उन्होंने कहा कि
शांति स्तूप में भारत व…
वर्तमान में पूरी दुनिया हिंसा व आतंकवाद का दंश झेल रही है. मानवता कहीं खो गयी है. ऐसे में इस मंत्र की प्रासंगिकता बढ़ जाती है. कार्यक्रम के दौरान मुख्य पुजारी एस सुगोई ने बौद्ध विधि के अनुसार शांति स्तूप की पूजा-अर्चना की. इस दौरान राज्यपाल व ग्रामीण कार्य मंत्री श्रवण कुमार को बुद्ध की प्रतिमा व मोमेंटो दिये गये गये.
राज्यपाल हेलीकॉप्टर से ऊपर बने हेलीपैड पर उतरे. उन्हें हेलीपैड के पास ही गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. मंच संचालन बिहार बौद्ध सोसाइटी के सचिव महाश्वेता महारथी व शांति स्तूप व जापानी मंदिर के व्यवस्थापक टी ओकोनोगी ने किया. कार्यक्रम में जापान सहित अन्य देशों के बौद्ध भिक्षु व अन्य धर्मावलंबी शामिल हुए. इस अवसर पर डीएम डॉ त्याग राजन एसएम, एसपी कुमार आशीष सहित अन्य उपस्थित थे.
राज्यपाल रामनाथ कोिवंद को प्रतीक चिह्न देते बौद्ध भिक्षु.
शांति के मार्ग पर चलने से देश होगा अपराधमुक्त
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन