नीरा के भंडारण के लिए बनेंगे तीन चिलिंग प्वाइंट
Updated at : 17 Mar 2018 4:50 AM (IST)
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आवेदन मिलते ही नीरा उत्पादन का निर्गत होगा लाइसेंस अस्पताल, मिड डे मील, आंगनबाड़ी व जेलों में होगी सप्लाई बिहारशरीफ : नीरा उत्पादकों की ट्रेनिंग पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाए एवं उन्हें इसके उत्पादन से जुड़े हर पहलुओं की जानकारी लोगों को दी जाए. डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने स्थानीय हरदेव भवन में नीरा […]
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आवेदन मिलते ही नीरा उत्पादन का निर्गत होगा लाइसेंस
अस्पताल, मिड डे मील, आंगनबाड़ी व जेलों में होगी सप्लाई
बिहारशरीफ : नीरा उत्पादकों की ट्रेनिंग पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाए एवं उन्हें इसके उत्पादन से जुड़े हर पहलुओं की जानकारी लोगों को दी जाए. डीएम डॉ त्यागराजन एसएम ने स्थानीय हरदेव भवन में नीरा के प्रशिक्षण कार्यक्रम में उक्त बातें कहीं. उन्होंने कहा कि नीरा उत्पादन के लिए उपयोग में आनेवाली वस्तुओं व उपकरणों की सफाई, उसमें चूना से कोटिंग करने की प्रक्रिया आदि पर भी खासकर ध्यान दिया जाए. नीरा उत्पादकों के पुराने लाइसेंस को रिन्यूअल करने के लिए आवेदन जमा करने की जिम्मेवारी जीविका को दी गयी है. उत्पाद विभाग के अधिकारी से कहा गया कि जैसे ही आवेदन प्राप्त हो नीरा उत्पादन का लाइसेंस निर्गत कर दिया जाए.
यह भी बताया गया कि प्रशिक्षण के दौरान उत्पादकों को यह बताया जाए कि नीरा में पानी ना मिलाएं एवं को कोल्ड चेन मेंटेन करने पर सबसे अधिक ध्यान दें. जीविका से कहा गया कि इसके लिए आइस पैक की व्यवस्था की जाये. डीपीएम जीविका ने बताया कि जिले में तीन जगह बनने वाले चिलिंग पॉइंट से इसमें काफी मदद मिलेगी. इसके अलावा भी नीरा को ठंडा रखने एवं उसके लिए उपयुक्त तापमान बनाए रखने के लिए अन्य उपाय किये जा रहे हैं. बैठक में यह बताया गया कि नीरा के विभिन्न तरह के उत्पादों जैसे पेड़ा, जगरी, ताल मिश्री,चीनी,आइसक्रीम आदि के बारे में भी उत्पादकों को जानकारी दी जाए. इससे जरूरत से ज्यादा बचे हुए नीरा का इसमें इस्तेमाल किया जा सके. यह भी सुझाव आया कि नीरा से बनने वाले उत्पाद जैसे जगरी जो कि बहुत ही पौष्टिक होता है को अस्पताल, मिड डे मील, आंगनबाड़ी व जेलों में भी आपूर्ति की जाए. डीएम ने कहा कि इसके लिए उच्चस्तर पर बात की जायेगी. नीरा उत्पादक समूह के नजदीक ही कलेक्शन प्वाइंट बनाने का निर्देश दिया गया. कलेक्शन प्वाइंट में नीरा की गुणवत्ता जांचने के सभी उपकरण एवं वजन करने की मशीन भी उपलब्ध रहेगी. नीरा के लिए कलेक्शन रूट निर्धारण का कार्य भी व्यवहारिकता को ध्यान में रखकर करने का निर्देश दिया गया. प्रशिक्षकों से कहा गया कि 19 मार्च से कार्य योजना बनाकर उत्पादकों को प्रशिक्षण शुरू कर दिया जाए. मौके पर काम्फेड के प्रबंध निदेशक, जिला उद्योग केंद्र के जनरल मैनेजर, एक्साइज इंस्पेक्टर, डीपीएम जीविका उमाशंकर भगत सभी मास्टर ट्रेनर एवं अन्य उपस्थित थे.
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