इतिहास के पन्नों से धूल हटाये एएसआइ : सीएम
Updated at : 28 Nov 2017 4:04 AM (IST)
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बिहारशरीफ/राजगीर : तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव सोमवार को शुरू हो गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर इसका उद्घाटन किया. मुख्य कार्यक्रम कन्वेंशन हॉल में आयोजित किया गया है. राजगीर महोत्सव के कार्यक्रम स्थल अजातशत्रु किला मैदान को अंतिम समय में रद्द किये जाने पर मुख्यमंत्री भाषण के शुरुआत में ही आर्कियोलॉजीकल सर्वे ऑफ […]
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बिहारशरीफ/राजगीर : तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव सोमवार को शुरू हो गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर इसका उद्घाटन किया. मुख्य कार्यक्रम कन्वेंशन हॉल में आयोजित किया गया है. राजगीर महोत्सव के कार्यक्रम स्थल अजातशत्रु किला मैदान को अंतिम समय में रद्द किये जाने पर मुख्यमंत्री भाषण के शुरुआत में ही आर्कियोलॉजीकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआइ) पर बिफर पड़े. उन्होंने कहा कि एएसआइ कुछ खुदाई का भी काम करे, ताकि इतिहास के पन्नों से धूल को
इतिहास के पन्नों…
हटाया जा सके. अब किला मैदान में कोई कार्यक्रम नहीं होगा, लेकिन एएसआइ भी अपने दायित्व को निभाये. राजगीर के जर्रे-जर्रे में इतिहास समाया हुआ है. उसकी खुदाई करने पर नया इतिहास उजागर हो सकता है,
इतिहास के पन्नों…
लेकिन एएसआइ की इसमें रुचि नहीं है. वह कुछ नहीं कर पा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहर की खुदाई का काम अधूरा पड़ा हुआ है. तेल्हाड़ा विश्वविद्यालय की खुदाई के लिए भी मैंने पूरी काेशिश की, इसके बावजूद एएसआइ के कान पर जूं तक नही रेंगा, क्याेंकि उसे ताे कुछ करना ही नहीं है. उन्हाेंने कहा कि हमने स्वयं अनुमति लेकर खुदाई करायी तो ईसा पूर्व एक शताब्दी तक के समय का पता चला आैर वहां कई ऐसी धराेहराें के बारे में पता चला. ऐसे में अगर नालंदा खंडहर
की खुदाई हाेती ताे आैर भी पुरानी चीजें निकलतीं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर ऐतिहासिक नगरी है और जरासंध की नगरी है. भगवान बुद्ध व महावीर समेत सभी धर्मों का पवित्र स्थल है. राजगीर के साइक्लोन पवेलियन को विश्व धरोहर का दर्जा दिलाये जाने के लिए राज्य सराकर प्रयास करेगी. नीतीश कुमार ने कहा कि राजगीर में गुरु नानक का एक सुंदर गुरुद्वारा भी बनाया जायेगा. इस दिशा में सार्थक पहल शुरू की जायेगी. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल से ही राजगीर की 30 जगहों पर लगाये गये सीसीटीवी कैमरे का भी शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने राजगीर महोत्सव सफरनामा नामक पुस्तक का भी विमोचन किया. मुख्यमंत्री ने 48 घंटों के अंदर राजगीर महोत्सव के कार्यक्रम को कन्वेंशन हॉल में शिफ्ट कर दिये जाने पर पर्यटन विभाग की प्रशंसा की. राजगीर में उनकी समाधी बनने वाले लालू प्रसाद के बयान पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी समाधी राजगीर में बनेगी तो उनके लिए सौभाग्य की बात है. इस अवसर पर पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि राजगीर ज्ञान की भूमि है. पूरे देश को ज्ञान देने का कार्य किया है. अब इसी धरती से बाल विवाह और दहेज प्रथा का विरोध होना चाहिए. इस अवसर पर ग्रामीण कार्यमंत्री शैलेश कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार सहित कई मंत्री मौजूद थे.
राजगीर महोत्सव शुरू
पूरी प्रतिबद्धता आैर मनाेयाेग से राजगीर महाेत्सव का आयोजन राज्य सरकार करती है आैर कुछ लोग मजाक में ही मेरी समाधि इसी धरती पर बनाने की बात करते हैं, यह मेरे लिए अहाेभाग्य हाेगा.
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