हत्या व जानलेवा हमले में दो को सुनायी गयी सजा
Updated at : 28 Nov 2017 3:50 AM (IST)
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बिहारशरीफ : जिला न्यायालय के प्रथम त्वरित न्यायाधीश राम प्रताप अस्थाना ने हत्या व जानलेवा हमले के आरोपितों को सजा सुनायी. यह सजा दो अलग-अलग मामलों के आरोपितों के विचारणोपरांत सुनायी गयी. दोनों ही मामलों में अभियोजन पक्ष से एपीपी अजय कुमार रस्तोगी ने बहस की थी. प्रथम मामला सत्र परिवाद संख्या 449/04 के विचारणोपरांत […]
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बिहारशरीफ : जिला न्यायालय के प्रथम त्वरित न्यायाधीश राम प्रताप अस्थाना ने हत्या व जानलेवा हमले के आरोपितों को सजा सुनायी. यह सजा दो अलग-अलग मामलों के आरोपितों के विचारणोपरांत सुनायी गयी. दोनों ही मामलों में अभियोजन पक्ष से एपीपी अजय कुमार रस्तोगी ने बहस की थी. प्रथम मामला सत्र परिवाद संख्या 449/04 के विचारणोपरांत आरोपित सोनू पटवा और रेहन पटवा को भारतीय दंड संहिता की धारा 304(2) के तहत दोषी करार करते हुए दोनों को सात वर्ष कारावास की सजा दी.
इसके साथ ही प्रत्येक को दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी अदा करने का आदेश दिया. जिसे भुगतान नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. पीडि़त की पत्नी चित्रा देवी के फर्द बयान पर बिहार थाना के तहत आरोप दर्ज किया गया था. जिसके अनुसर सूचक के पति 28 जुलाई 2003 अपने मकान में स्थित दुकान को शाम में बंद कर रहे थे. उसी समय आरोपित अन्य के साथ आ धमके. ताला हाथ में लिये हुए वे घर के अंदर भागे. आरोपित भी खदेड़ते घर में घुस गये और पकड़कर हाथ से ताला छीन कर सर पर प्रहार करने लगे.
रंगदारी की मांग पूर्ति नहीं करने पर इन्होंने घटना को अंजाम दिया. घटना के एक दिन बाद पीएमसीएच में उपचार के दौरान पीडि़त की मृत्यु हो गयी.
सभी बिहार थाना क्षेत्र के अलीनगर निवासी है. वहीं दूसरे मामला परिवाद संख्या 622/06 के आरोपी योगी उर्फ योगेन्द्र यादव को हत्या के प्रयास का साक्ष्य सही पाते हुए दोषी करार करते हुए पांच वर्ष का कारावास सहित पांच हजार रुपये जुर्माना सुनाया है. जिसे अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतने की सजा दी. इसके अलावा आरोपी को 27 आर्म्स एक्ट के तहत भी तीन वर्ष कारावास सहित दस हजार रुपये जुर्माना सुनाया है. जिसे अदा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगताना होगा. पीडि़त व आरोपी बिहार थाना क्षेत्र के गौरागढ़ निवासी है. पीडि़त शैलेंद्र के पिता ध्रुव यादव के फर्द बयान पर दर्ज आरोप के अनुसार पुरानी दुश्मनी विवाद में 24 अप्रैल 2003 के आठ बजे रात में आरोपी अन्य के साथ घर में घुस कर सूचक के भाइयों को मारपीट कर रहा था। विरोध करने पर आरोपित ने गोली चलायी जो पीड़ित को लगी. काफी लंबे समय तक पीएमसीएच में उपचार के बाद वह स्वस्थ हुआ.
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