किसान का हत्यारा गिरफ्तार

Updated at : 25 Nov 2017 4:36 AM (IST)
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किसान का हत्यारा गिरफ्तार

सफलता . 19 नवंबर को मछलडीहा गांव में हुई थी घटना बिहारशरीफ\राजगीर : पिछले 19 नवंबर को नालंदा थाना क्षेत्र के मछलडीहा गांव में किसान की गोली मार कर हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है. इस मामले में एक अपराधी की गिरफ्तारी की गयी है. उक्त बातों की जानकारी राजगीर एसडीपीओ संजय कुमार […]

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सफलता . 19 नवंबर को मछलडीहा गांव में हुई थी घटना

बिहारशरीफ\राजगीर : पिछले 19 नवंबर को नालंदा थाना क्षेत्र के मछलडीहा गांव में किसान की गोली मार कर हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है.
इस मामले में एक अपराधी की गिरफ्तारी की गयी है. उक्त बातों की जानकारी राजगीर एसडीपीओ संजय कुमार ने प्रेसवार्ता के दौरान दी. एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में दीपनगर थाना क्षेत्र के डुमरावां गांव निवासी जितन यादव के पुत्र शिपू यादव को गिरफ्तार किया गया है. तीन अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी शेष है.
प्रेसवार्ता के दौरान एसडीपीओ ने बताया कि शहर के सोहसराय थाना क्षेत्र के सोहडीह गांव निवासी रंजीत कुमार उर्फ राहुल मछलडीहा स्थित खेत में बोरिंग करा कर खेत का पटवन करते आ रहा था. हत्या का आरोपित शिपू यादव का बोरिंग पिछले दो माह से खराब पड़ा था. शिपू के मन में यह बात बैठ गया था
कि रंजीत कुमार उर्फ राहुल द्वारा ही हमारे बोरिंग को खराब कर दिया गया है. इसी बात को लेकर शिपू अन्य तीन बदमाशों के सहयोग से रंजीत की हत्या उसी के खेत में गोली मार कर दी थी. घटना को अंजाम देने के बाद उसके शव को परबलपुर थाना क्षेत्र के एक चिमनी के पास बोरे में बंद कर फेंक दिया था. अपराधियों द्वारा मृतक की बाइक को नूरसराय थाना क्षेत्र के पपरनौसा गांव स्थित एक मंदिर के पास खड़ी कर दी गयी थी. हत्या की घटना के महज पांच घंटे बाद मृतक का शव व बाइक को उक्त दोनों स्थान से बरामद कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गयी थी.हत्या की जानकारी मृतक की पत्नी द्वारा पुलिस को लिखित तौर पर दिया गया था. प्रेसवार्ता के दौरान एसडीपीओ ने बताया कि
अपराधियों की गिरफ्तारी व कांड के सफल उद्भेदन को लेकर पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार पोरिका के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था.
नाली विवाद में झड़प दो जख्मी
हिलसा. स्थानीय थाना क्षेत्र के गुलनी गांव में नाली में घर निकला कचड़ा को फेंकने को लेकर दो गुटों के बीच हुई हिंसक झड़प में महिला समेत दो लोग जख्मी हो गये. घटना शुक्रवार की सुबह नाली में घर का कचड़ा फेंकने को लेकर लाली देवी पति किशोर प्रसाद एवं विजेंद्र प्रसाद की बीच विवाद उत्पन्न हो गया. पहले वाद-विवाद फिर लाठी डंडे से, जिसमें लाली देवी एवं मुन्ना कुमार दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये. जिसे इलाज के लिये अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस मामले में दोनों पक्ष द्वारा हिलसा थाना में एक दूसरे के विरूद्ध आवेदन दिया है.
पइन को भरकर सड़क बनाने पर हाईकोर्ट नाराज
अवमाननावाद पर शुक्रवार को सुनवाई
पटना. प्राकृतिक संसाधन को नष्ट करने और अदालती आदेश के साथ खेलने की इजाजत किसी भी हाल में नहीं दी जायेगी. आमजन सड़क के बगैर चल सकते हैं लेकिन किसान बगैर पइन के खेती नहीं कर सकते हैं. इसलिए अदालत के पूर्व के आदेश के आलोक में पइन को उसके मूल रूप में लाना ही होगा. जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी एवं जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने अवध किशोर प्रसाद एवं अन्य की ओर से दायर अवमाननावाद पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए ये बातें कहीं. नालंदा जिले के एकंगरसराय थानांतर्गत घाना बिगहा ग्राम में पइन को भर कर उस पर सड़क का निर्माण करा दिया गया,
जिससे आसपास के इलाके के किसानों को काश्तकारी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस मामले में पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगायी गयी थी, जिसपर जस्टिस वीएन सिन्हा एवं जस्टिस प्रभात कुमार झा की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद मामले को सही पाते हुए 24 जुलाई, 2014 को ही कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया था कि वे दो माह के भीतर उस सड़क को हटा कर पइन को मूल रूप में लाएं. अन्यथा उनके और अन्य संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध अवमानना का मामला चलाया जायेगा. तीन वर्षाें बाद भी अदालती आदेश का अनुपालन नहीं किया गया. जिस पर नाराज हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई में नालंदा के जिलाधिकारी को अदालत में उपस्थिति होकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था. शुक्रवार को सुनवाई के क्रम में नालंदा के जिलाधिकारी ने अदालत में उपस्थित होकर वस्तु स्थिति से अदालत को अवगत कराया. अदालत ने स्पष्ट पूछा कि आप जिलाधिकारी हैं और पइन की महत्ता को भी नहीं जानते हैं. अदालत ने इस मामले में अधिवक्ता आयुक्त को अगली सुनवाई में स्थल की पुनः जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर निर्धारित की है.
अधिकारियों की लापरवाही मुकदमेबाजी की मुख्य वजह
पटना. अधिकारियों की लापरवाही और सही समय पर निर्णय नहीं लेने के कारण अदालतों में दायर होने वाले मुकदमों की संख्या बढ़ रही है. पटना हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी नालंदा जिला में अनौपचारिक अनुदेशकों का समायोजन आदेश के बावजूद नहीं करने को लेकर की. जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी एवं जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने अरुण कुमार सिन्हा एवं अन्य की ओर से दायर अवमानना वाद पर शुक्रवार को सुनवाई की. गौरतलब है कि 23 फरवरी, 2017 को जस्टिस नवनीति प्रसाद सिंह एवं जस्टिस नीलू अग्रवाल की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को याचिकाकर्ताओं के समायोजन करने का निर्देश दिया गया था. परंतु आदेश के आठ माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की, जिस पर पिछली सुनवाई में अदालत ने नालंदा के जिलाधिकारी को अदालत में उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था. शुक्रवार को सुनवाई के क्रम में नालंदा के जिलाधिकारी ने अदालत को बताया कि करीब 506 अनौपचारिक अनुदेशकों की सूची बनायी गयी है.
जिन्हें जल्द ही समायोजित कर लिया जायेगा.
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