अंतरराज्यीय हथियार तस्कर को दबोचा

Updated at : 10 Nov 2017 5:03 AM (IST)
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अंतरराज्यीय हथियार तस्कर को दबोचा

सफलता. पुलिस ने 163 कारतूस, तीन पिस्टल व दो मैग्जीन किया बरामद 1995 से पूर्व शहर में हथियार व कारतूस की निबंधित दुकान थी पुलिस हथियार तस्कर के ग्राहकों की सूची तैयार कर रही है बिहारशरीफ : पटना से आयी एसटीएफ की टीम ने नालंदा पुलिस के सहयोग से अंतरराज्यीय एक हथियार तस्कर को भारी […]

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सफलता. पुलिस ने 163 कारतूस, तीन पिस्टल व दो मैग्जीन किया बरामद

1995 से पूर्व शहर में हथियार व कारतूस की निबंधित दुकान थी
पुलिस हथियार तस्कर के ग्राहकों की सूची तैयार कर रही है
बिहारशरीफ : पटना से आयी एसटीएफ की टीम ने नालंदा पुलिस के सहयोग से अंतरराज्यीय एक हथियार तस्कर को भारी मात्रा में कारतूस व तीन रेग्यूलर पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी बुधवार की देर रात्रि शहर के नगर थाना क्षेत्र के नई सराय मोहल्ला स्थित एक मकान से की गयी. रेडिंग टीम ने हथियार तस्कर के पास से 163 कारतूस, तीन कंट्री मेड रेग्यूलर पिस्टल व दो मैग्जीन बरामद किया है. हथियार तस्कर की पहचान शहर के नई सराय मोहल्ला निवासी राजेंद्र गराईं के रूप में की गयी है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ निशित प्रिया ने बताया कि चार दिन पूर्व एसटीएफ की टीम ने पटना के फुलवारीशरीफ से कुख्यात हथियार तस्कर परवेज आलम को गिरफ्तार किया था. उसी की निशानदेही पर पटना से आयी एसटीएफ की टीम ने नालंदा पुलिस के सहयोग से उक्त हथियार तस्कर की गिरफ्तारी की है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि शहर के नईसराय से गिरफ्तार हथियार तस्कर का वर्ष 1995 से पूर्व शहर में हथियार व कारतूस की निबंधित दुकान थी.
वर्ष 1995 में सरकारी आदेश के बाद दुकान को निलंबित कर दिया गया. दुकान के निलंबित होने के बाद भी राजेंद्र गराईं हथियार व कारतूस की अवैध बिक्री करता था. वर्ष 2002 में पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जेल से रिहा होने के बाद भी इसने हथियार व कारतूस के अवैध कारोबार से जुड़ा रहा. पटना से गिरफ्तार परवेज आलम ही इसे कारतूस व हथियारों की आपूर्ति किया करता था. परवेज गिरफ्तारी के एक सप्ताह पूर्व नईसराय स्वयं आकर इसे हथियार व कारतूस की सप्लाई की थी.
प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार हथियार तस्कर ने पुलिस को बताया है कि नालंदा सहित राज्य के कई जिलों के अपराधी इससे कारतूस व पिस्टल खरीदा करते थे. पुलिस हथियार तस्कर के उन ग्राहकों की सूची तैयार कर रही है,जिन्होंने इससे हथियार व कारतूस खरीदे हैं. एक प्रश्न का जवाब देते हुए प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ निशित प्रिया ने बताया कि कुख्यात हथियार तस्कर परवेज आलम का शहर के लहेरी थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर स्थित एक पेंट की दुकान है, जो पिछले वर्ष से बंद पड़ा है.
दुकान बंद होने के बावजूद भी परवेज दुकान का भाड़ा दुकान के मालिक को पिछले एक वर्ष से दे रहा है. एसडीपीओ ने बताया कि जितनी भी जानकारी परवेज आलम के संबंध में प्राप्त हो रही है, सबों की सूक्ष्मता से जांच करायी जा रही है. गिरफ्तारी में एसडीपीओ निशित प्रिया के अलावे टाउन थानाध्यक्ष केशव मजूमदार की अहम भूमिका रही.
1000 से 500 रुपये के मुनाफे पर होता था कारोबार
गिरफ्तार राजेंद्र गराईं की मानें तो पिस्टल की डिलिंग 1000 से 500 रूपये में किया जाता था,जबकि कारतूस का पैकेट कारतूस पर 200 रूपये की बचत होती थी.हथियार व कारतूस की दुकानदारी किसी तरह के चुनाव के वक्त ज्यादा हुआ करता था.राजेंद्र गराईं के अनुसार नालंदा के अलावे बिहार व झारखंड के अलावे कई राज्यों के लोगों को वह हथियार व कारतूस बेचा करता था.
फोन पर नहीं बैठ कर होती थी डिलिंग
सबसे मजे की बात यह है कि राजेंद्र गराईं फोन पर हथियार व कारतूस की डिलिंग नहीं किया करता था.ज्यादातर डिलिंग परवेज आलम व कृष्णा के कहने पर ही होती थी.डिलिंग के लिए वह अपने घर को ही ज्यादा सुरक्षित समझता था.60 से अधिक उम्र का राजेंद्र गराईं धोती कुर्ता के लिबास रहा करता था.गिरफ्तारी के वक्त भी इसने धोती कुर्ता ही पहन रखा था.एसडीपीओ ने बताया है कि निकट भविष्य में इससे जुड़े कई और लोगों की गिरफ्तारी की जायेगी.पुलिस इस मामले में एक विशेष अभियान पर काम कर रही है.एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार हथियार तस्कर के अर्जित संपत्ति का आकलन किया जायेगा.
गिरफ्तार राजेंद्र गराईं से 15 वर्ष पुराना है संबंध
बुधवार की रात्रि एसटीएफ ने जिस राजेंद्र गराईं हथियार तस्कर की गिरफ्तारी की है, उसका संबंध परवेज आलम व कृष्णा से करीब पंद्रह वर्ष पूराना रहा है. कभी पेंट की दुकान चलाने वाला परवेज आलम, कृष्णा के कहने पर हथियार तस्करी के धंधे से जुड़ा. वर्ष 2002 के बाद जेल से रिहा होते ही राजेंद्र गराईं की दोस्ती परवेज आलम से हुई. राजेंद्र गराईं को कारतूस व हथियार के संबंध में बेहतर जानकारी थी.उसकी 1995 में हथियार की निबंधित दुकान हुआ करती थी.
वर्ष 2009 में नालंदा पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई के दौरान दीपनगर थाना पुलिस ने राम कुमार उर्फ लल्लू को उसके दो सहयोगियों के साथ पांच हजार राउंड जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था.राम कुमार उर्फ लल्लू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इसकी निशानदेही पर कानपुर से एक ऐसे हथियार तस्कर की गिरफ्तारी की,जो ऐसे छोटे-छोटे हथियार व कारतूस तस्करों को गोलियां व हथियार सप्लाई किया करता था.गिरफ्तार राजेंद्र गराईं की एक करीबी महिला रिश्तेदार नालंदा जिले में एक अनाथलय की संचालिका थी.
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