बिहार: NOU को नैक से सी ग्रेड, जानिए कैसे शिक्षण संस्थानों को मिलती है ग्रेडिंग और छात्रों को क्या होता है लाभ
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 02 Jan 2024 3:46 PM
Naac Ranking: नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी को नैक से सी ग्रेड प्राप्त हुआ है. नैक का यह मूल्यांकन वर्ष 2017-22 का है. सात मानकों पर किये गये कार्य के आकलन के आधार पर विश्वविद्यालय को ग्रेड दिया गया है.
Naac Ranking: बिहार में स्थित नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी को नैक से सी ग्रेड दिया गया है. यूनिवर्सिटी ने नैक एक्रिडेशन में सी ग्रेड प्राप्त किया है. यह एनओयू का पहला चक्र है. नैक का मूल्यांकन वर्ष 2017- 22 का है. इन पांच वर्षों में यूनिवर्सिटी में सात मानकों पर किये गये कार्य के आकलन के आधार पर ग्रेड दिया गया है. कुल चार सीजीपीए में एनओयू ने 1.86 प्राप्त किया है. कुलपति प्रो केसी सिन्हा ने जानकारी दी है. उन्होंने बताया है कि नये कैंपस का ग्रेड बेहतर मिला है. पटना के कैंपस का ग्रेड कुछ खास नहीं मिला. रिसर्च में सबसे कम अंक मिला है.
एनओयू को शिक्षण सीखना एवं मूल्यांकन के लिए 2.71 अंक प्राप्त हुआ है. नैक रिपोर्ट के अनुसार पाठ्यचर्चा के पहलू के लिए चार में से 1.47 सीजीपीए, शिक्षण सीखना एवं मूल्यांनक में 2.71, अनुसंधान, नवाचार व विस्तार में 0.71, बुनियादी ढांचा व सीखने के साधन में 2.15, छात्र सहायता व प्रगति में 2.46, शासन नेतृत्व व प्रबंधन में 1.46 सीजीपीए प्राप्त किया है. संस्थागत मूल्य व सर्वोत्तम प्रथाएं के लिए 2.13 सीजीपीए अंक प्राप्त किया है. सबसे कम रिसर्च में प्राप्त हुआ है.
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नैक मूल्यांकन सात मानकों के 1000 अंकों पर किया जाता है. सभी मानक के लिए चार सीजीपीए निर्धारित होता है. इसमें सातों में प्राप्त औसत सीजीपीए के आधार पर ग्रेड का निर्धारण होता है. इसमें पाठ्यचर्चा के पहलू के लिए 150 अंक, शिक्षण सीखना एवं मूल्यांनक के लिए 250, अनुसंधान, नवाचार व विस्तार के लिए 200, बुनियादी ढांचा व सीखने साधन के लिए 100, छात्र सहायता व प्रगति के लिए 100, शासन नेतृत्व व प्रबंधन के लिए 100, संस्थागत मूल्य व सर्वोत्तम प्रथाएं के लिए 100 अंक निर्धारित हैं. इसमें एनओयू को शिक्षण सीखना एवं मूल्यांनक के लिए 2.71 अंक प्राप्त हुआ है. मालूम हो कि शिक्षण संस्थानों को गुणवत्ता के आधार पर ग्रेड दिया जाता है. नैक की टीम संस्थान में पहुंचती भी है और सभी मानकों की जांच पड़ताल करती है. इस दौरान शिक्षा के फैसिलिटीज की जांच होती है. हर पहलु को परखा जाता है और ग्रेड प्रदान किया जाता है. इससे छात्रों को पता चलता है कि उनके संस्थान का क्या ग्रेड है.
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