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सरकारी अस्पताल में कुत्ता काटने की सूई नहीं

Updated at : 09 Jan 2025 8:26 PM (IST)
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सरकारी अस्पताल में कुत्ता काटने की सूई नहीं

गंभीर रूप से कुत्ता काटने के शिकार लोगों को बाहर से आठ हजार की सूई इम्नोग्लोबिन खरीदना पड़ रहा है. इसकी सप्लाई सरकारी अस्पतालों में नहीं है.

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मुजफ्फरपुर. गंभीर रूप से कुत्ता काटने के शिकार लोगों को बाहर से आठ हजार की सूई इम्नोग्लोबिन खरीदना पड़ रहा है. इसकी सप्लाई सरकारी अस्पतालों में नहीं है. जिन लोगों का हल्का जख्म होता है उनके लिए तो सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज सूई की व्यवस्था है, लेकिन ऐसे लोग जिनका जख्म गहरा होता है, उन्हें इम्नोग्लोबिन सूई लगवानी पड़ती है.

बाहर से यह सूई खरीदनी पड़ती है़

मरीज रोज सूई के लिए भटक रहे

डॉक्टर 48 घंटे के अंदर यह सूई लेने को कहते हैं. सदर अस्पताल में रोज एक से दो मरीज ऐसे सूई के लिए भटकते हैं, लेकिन अस्पतालों में सप्लाई नहीं होने से उन्हें बाहर से यह सूई खरीदनी पड़ती है. अस्पताल अधीक्षक डॉ बीएस झा ने कहा कि इस सूई की सप्लाई फिलहाल नहीं है. इसकी कीमत करीब आठ हजार है. अस्पताल की ओर से सूई की व्यवस्था का दूसरा विकल्प नहीं है. नतीजा लोगों को बाहर से सूई खरीदनी पड़ रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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