भारतीय ज्ञान परंपरा से ही प्रशस्त होगा विकसित भारत का मार्ग : डॉ राजेश्वर
Published by : ANKIT Updated At : 19 May 2025 10:12 PM
The path to developed India will be paved
मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर के तुर्की स्थित अध्यापक प्रशिक्षण महाविद्यालय की ओर से आधुनिक भारत के निर्माण में भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्त्व विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. अध्यापक प्रशिक्षण महाविद्यालय के नव-नामांकित प्रशिक्षुओं के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम भी रखा गया. संगोष्ठी में मुख्य वक्ता बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के मदन मोहन मालवीय शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के उपनिदेशक डॉ राजेश्वर कुमार ने कहा कि आज भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को भारतीय ज्ञान परंपरा की आवश्यकता है. भारतीय ज्ञान परंपरा में ही सभी प्रकार की राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करने का सामर्थ्य है. प्रत्येक देश की शिक्षा वहां की प्रकृति, संस्कृति और प्रगति के अनुरूप होनी चाहिए, लेकिन ज्ञान सार्वभौमिक सत्य है वह देश और काल से निरपेक्ष होता है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन से भारतीय ज्ञान परंपरा की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा. कॉलेज की प्राचार्य डॉ स्वधा प्रकाश ने स्वागत भाषण दिया. कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के अन्य शिक्षक और प्रशिक्षु मौजूद रहे.
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