गंडक नदी पर बन रहे महासेतु के निर्माण में आयेगी तेजी, मुजफ्फरपुर-गोपालगंज-सारण के 18 गांवों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

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गंडक नदी पर बन रहे महासेतु के निर्माण में आयेगी तेजी, मुजफ्फरपुर-गोपालगंज-सारण के 18 गांवों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

गंडक नदी पर बन रहे महासेतु के निर्माण में आयेगी तेजी, मुजफ्फरपुर-गोपालगंज-सारण के 18 गांवों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

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::: लंबे समय से पुल व एप्रोच पथ का चल रहा है निर्माण, भूमि का अधिग्रहण व बकाया मुआवजा को लेकर है अरचन

::: साहेबगंज सीओ को पत्र लिखकर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने बाधा को दूर करने को कहा

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

जिले के पश्चिमी क्षेत्र में गंडक नदी पर एक महत्वपूर्ण महासेतु का चल रहे निर्माण में भूमि की जो बाधा थी, वह अब पूरी तरह से साफ होता दिख रहा है. बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इस विशाल पुल के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है. यह महासेतु मुजफ्फरपुर और गोपालगंज जिले को सीधे जोड़ेगी, जिससे इन क्षेत्रों के 18 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक लाभ मिलेगा. पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता ने बताया कि यह महासेतु गोपालगंज जिले के बंगराघाट से शुरू होकर मुजफ्फरपुर के स्टेट हाइवे 74 और सारण के स्टेट हाइवे 90 तक फैलेगी. इसका उद्देश्य तीनों जिलों के बीच आवागमन को सुगम बनाना और क्षेत्र के विकास को गति देना है. पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2016 से अब तक संबंधित अंचल अधिकारी, गोपालगंज द्वारा परियोजना के लिए आवश्यक सभी भूमि का सत्यापन कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. इससे यह प्रतीत होता है कि परियोजना अब क्रियान्वयन के चरण में आगे बढ़ने के लिए तैयार है. इस पुल के निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नये अवसर भी सृजित होंगे. स्थानीय लोगों में इस परियोजना को लेकर काफी उत्साह है, क्योंकि यह उनके लंबे समय से लंबित सपने को पूरा करेगा.

बॉक्स :: इन गांवों के लोग होंगे लाभा��न्वित

इस परियोजना से सीधे तौर पर 18 गांव लाभान्वित होंगे, जिनमें प्रमुख रूप से मौजा-चेनथापुर खास, मौजा-सलेमपुर, मौजा-माधुरी हजारी खाना, मौजा-परसेनी जहांगीर, मौजा-वासुदेवपुर वृत, मौजा-विष्णुपुर वृत पकड़ पहाड़, मौजा-578 और मौजा-वासुदेवपुर सराय शामिल हैं. इन गांवों के निवासियों को अब लंबी दूरी तय करने से मुक्ति मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.

मुआवजा भुगतान में देरी पर आत्मदाह की दे चुके हैं चेतावनी

इसी पुल व एप्रोच पथ के लिए अधिग्रहण होने वाले जमीन के मुआवजा भुगतान में देरी होने पर पिछले महीने एक व्यक्ति कलेक्ट्रेट में आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी. डीएम को आवेदन देकर बताया था कि एप्रोच पथ का निर्माण कर लिया गया है. उनकी भूमि का अधिग्रहण हुआ. लेकिन, मुआवजा का भुगतान आज तक नहीं हो सका है. इसी के बाद प्रशासन की तरफ से पुन: एलपीसी सत्यापन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है.

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देवेश कुमार

लेखक के बारे में

By देवेश कुमार

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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