रक्सौल-सीतामढ़ी के रास्ते चलेगी वंदे भारत स्लीपर, अब दिल्ली का सफर होगा और भी आसान

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 08 Jan 2026 8:53 PM

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वंदे भारत स्लीपर (सांकेतिक फोटो)

Vande Bharat Sleeper: बिहार के मुजफ्फरपुर जंक्शन से गुरुवार को 16 कोच वाली देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन गुजरी. दिल्ली से कामाख्या भेजी जा रही यह ट्रेन रक्सौल, सीतामढ़ी और फारबिसगंज के रास्ते चलेगी. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन के आने से लंबी दूरी का सफर अब आरामदायक और तेज होगा.

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Vande Bharat Sleeper: वंदे भारत स्लीपर अब पटरियों पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है. गुरुवार की सुबह मुजफ्फरपुर जंक्शन पर मौजूद यात्री उस वक्त हैरान रह गए, जब उन्होंने 16 कोचों वाली चमचमाती अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को वहां से गुजरते देखा. यह इस सीरीज की दूसरी रैक है. इसे उत्तर रेलवे से पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (NFR) के कामाख्या स्टेशन भेजा जा रहा है. इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी सीधे रेलवे के मैकेनिकल निदेशालय द्वारा की जा रही है ताकि बिना किसी देरी के इसे सेवा में लाया जा सके.

बिहार के इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

वंदे भारत स्लीपर का जो नया मार्ग तय किया गया है. वह बिहार के कई महत्वपूर्ण इलाकों को कवर करता है. यह ट्रेन उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, सीतापुर और गोरखपुर के रास्ते बिहार के रक्सौल पहुंचेगी. इसके बाद यह सीतामढ़ी, सकरी, निर्मली और फारबिसगंज होते हुए न्यू जलपाईगुड़ी और अंत में कामाख्या तक जाएगी. इस रूट पर ट्रायल होने से भविष्य में रक्सौल और सीतामढ़ी जैसे क्षेत्रों के लोगों को दिल्ली तक के लिए एक वर्ल्ड क्लास ट्रेन मिल सकेगी.

होटल जैसी सुविधाएं

झटकों से मुक्ति लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर बनाई गई इस स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधाओं का खास ख्याल रखा गया है. इसका इंटीरियर किसी लग्जरी होटल जैसा है. झटकों से मुक्त सफर सुनिश्चित करने के लिए इसमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल हुआ है.

ट्रेन में सेंसर आधारित लाइटिंग, टच-फ्री आधुनिक टॉयलेट्स और बेहद आरामदायक बर्थ दी गई हैं. वर्तमान में इस रैक को कामाख्या भेजने का मतलब है कि जल्द ही दिल्ली-कामाख्या रूट पर इसका उद्घाटन हो सकता है.

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अमृत भारत एक्सप्रेस की 6 नई रैक पहुंची

वंदे भारत ट्रेन के साथ-साथ अब आम यात्रियों के लिए भी खुशखबरी है. आम आदमी की पसंद मानी जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या बढ़ने जा रही है. पूर्वोत्तर सीमा रेलवे को अमृत भारत एक्सप्रेस की 6 नई रैक मिल गई हैं. इससे आने वाले समय में नई ट्रेनों को शुरू करना आसान हो जाएगा.

इन नई रैकों को देश के अलग-अलग रेलवे जोन से पूर्वोत्तर सीमा रेलवे को भेजा जा रहा है. इनमें उत्तर रेलवे (NR), दक्षिण रेलवे (SR) और पूर्व मध्य रेलवे (ECR) शामिल हैं. रैक मिलने के बाद अब ट्रेनों के संचालन की तैयारी तेज कर दी गई है.

नए साल में बिहार और पूर्वोत्तर भारत के कई नए रूटों पर अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाएंगी. इन ट्रेनों से यात्रियों को कम किराए में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. अमृत भारत ट्रेनें खास तौर पर मध्यम और आम यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, जिनमें आरामदायक सीटें, साफ-सुथरे कोच और आधुनिक सुविधाएं होंगी.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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