मुजफ्फरपुर: राशन कार्ड पोर्टल तो खुला, लेकिन तकनीकी खामी से पहले दिन नहीं हो सका एक भी आवेदन

राशन कार्ड पोर्टल तो खुला, लेकिन तकनीकी खामी से पहले दिन नहीं हो सका एक भी आवेदन
मुजफ्फरपुर जिले में नया राशन कार्ड बनाने के लिए सरकारी पोर्टल खोल दिया गया है. हालांकि, लॉन्च होते ही इसमें गंभीर तकनीकी समस्याएं आ गईं, जिससे पहले दिन एक भी नया कार्ड नहीं बन सका. जानिए कब तक यह समस्या सुधरेगी और क्या है प्रशासन की योजना.
SDO ration card update: बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में मुजफ्फरपुर जिले में नया राशन कार्ड बनाने के लिए आधिकारिक पोर्टल खोल दिया गया है. हालांकि, पोर्टल चालू होते ही इसमें गंभीर तकनीकी समस्याएं आने लगी हैं. इस तकनीकी बाधा के कारण जिले में पहले दिन एक भी लाभुक का नया राशन कार्ड नहीं बन सका और न ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो पाई.
हजार से अधिक लाभुकों का कार्ड बनाने का है लक्ष्य
जिले में जरूरतमंदों को राशन का लाभ देने के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले में इस बार 86 हजार से अधिक नए लाभुकों का राशन कार्ड बनाने का विशाल लक्ष्य रखा गया है. इस मुहिम को गति देने के लिए 15 जुलाई से ही पोर्टल को लाइव (चालू) कर दिया गया था, ताकि लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकें, लेकिन तकनीकी खराबी ने शुरुआत में ही पानी फेर दिया.
जल्द सुधरेगा पोर्टल, प्रखंडों में लगेंगे विशेष शिविर
एसडीओ (SDO) कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास जारी हैं. अधिकारियों का दावा है कि अगले एक से दो दिनों में पोर्टल पूरी तरह सुचारू रूप से काम करने लगेगा. इसके अलावा, आम लोगों की सहूलियत के लिए प्रखंड स्तर पर विशेष शिविर (Special Camps) भी आयोजित किए जाएंगे, जहां लोग जाकर सीधे अपना आवेदन जमा कर सकेंगे.
प्रतिदिन दो हजार राशन कार्ड जारी करने का टारगेट
प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए एक सख्त गाइडलाइन तैयार की है. पोर्टल के ठीक होते ही प्रतिदिन दो हजार से अधिक राशन कार्ड निर्गत (Issue) करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि 86 हजार के टारगेट को जल्द से जल्द हासिल किया जा सके. फिलहाल, लाभुकों को पोर्टल के पूरी तरह चालू होने का इंतजार है
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लेखक के बारे में
By प्रभात कुमार
प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.
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