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टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान के बाद जेइ से बचाव संभव

Updated at : 29 May 2025 8:58 PM (IST)
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टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान के बाद जेइ से बचाव संभव

मॉनसून शुरू होते ही जिले में जेइ की बीमारी शुरू हो जाती है. बच्चे ही इस बीमारी से पीड़ित होते हैं.

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विशेष अभियान में 18 हजार बच्चों को ही पड़ा पहला और दूसरा डोज उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर मॉनसून शुरू होते ही जिले में जेइ की बीमारी शुरू हो जाती है. बच्चे ही इस बीमारी से पीड़ित होते हैं. इससे बचाव का एक ही साधन टीकाकरण है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर साल सर्वे कर जेइ टीकाकरण छूटे बच्चों का टीका दिया जाता है. इस बार भी पिछले महीने विशेष अभियान के तहत 18 हजार बच्चाें का टीकाकरण किया गया है. जेइ टीका का पहला डोज 8026 और दूसरा डोज 10 हजार 69 बच्चों को दिया गया. हालांकि काफी बच्चे टीकाकरण से वंचित है. स्वास्थ्य विभाग ऐसे बच्चों की खोज कर रहा है. इस बार जेइ से पीड़ित बच्चों की लाइन लिस्ट में यह जानकारी भी जोड़ी गयी है कि किस-किस बच्चे को टीका दिया गया है. इसका जानकारी सुरक्षित रखी जा रही है. यदि कोई बच्चा जेइ से पीड़ित होता है तो यह पता चल पायेगा कि उस बच्चे को जेइ का टीकाकरण दिया गया था या नहीं, हालांकि जब तक सभी बच्चों का जेइ टीकाकरण नहीं होगा, तब तक जेइ से बच्चों का बचाव नहीं हो सकता. फिलहाल पीएचसी स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है, जिन्हें अब तक जेइ का टीकाकरण नहीं दिया गया था. मॉनसून सीजन से पहले जेइ से छूटे सभी बच्चों का टीकाकरण हो जाये तो जेइ से बचाव संभव है

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Vinay Kumar

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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