मुजफ्फरपुर बिस्कुट एजेंसी लूट मामले में पुलिस को हिस्ट्रीशीटरों पर शक, जेल से छूटे बदमाशों की हो रही जांच

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 06 Jul 2025 9:49 PM

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AI फोटो

Muzaffarpur Biscuit Agency Robbery Case: सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने घटना के दूसरे दिन शनिवार को अंडीगोला स्थित बिस्कुट एजेंसी पहुंचकर छानबीन की. उन्होंने स्टाफ से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और व्यवसायी को जल्द से जल्द अपराधियों को चिह्नित कर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया.

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Muzaffarpur Biscuit Agency Robbery Case: मुजफ्फरपुर नगर थाना क्षेत्र के अंडीगोला में हुई आरएस बिस्कुट एजेंसी से लूट के मामले में पुलिस को जेल से छूटे हिस्ट्रीशीटर अपराधियों पर शक है. पुलिस हाल ही में जेल से बाहर आए अपराधियों की कुंडली खंगाल रही है और बिस्कुट एजेंसी के कर्मियों द्वारा बताए गए अपराधियों के हुलिए के आधार पर उनका सुराग तलाश रही है. लूटे गए मोबाइल के अंतिम टावर लोकेशन को सर्विलांस टीम ट्रेस कर रही है. अपराधियों के भागने की दिशा में रविवार को भी पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन अधिकांश दुकानें बंद होने के कारण अपराधियों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है.

मैनेजर के बयान पर प्राथमिकी दर्ज

लूट की घटना को लेकर बिस्कुट एजेंसी के मैनेजर कालीकोठी निवासी सुशील कुमार के बयान पर दो बाइक सवार चार अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. थाने में दर्ज प्राथमिकी में सुशील कुमार ने बताया कि शनिवार को वह अनमोल कंपनी के बिस्कुट के डिस्ट्रीब्यूशन का कारोबार चलाते हैं.

शनिवार रात आठ बजे उनकी एजेंसी के सभी कर्मी दिनभर की बिक्री का हिसाब मिला रहे थे. इसी बीच, हेलमेट, मास्क और गमछे से चेहरा ढके चार अपराधी एजेंसी में घुस गए. एक अपराधी ने कमर से पिस्टल निकालकर लहराना शुरू कर दिया, जिससे सुशील डरकर बाईं तरफ भागे.

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4 मोबाइल लावारिस हालत में मिला

सभी अपराधी एजेंसी के अंदर घुसते ही कर्मियों के साथ मारपीट करने लगे और उन्हें धमकी दी कि वे अपना-अपना चेहरा दीवार की तरफ कर लें, नहीं तो गोली मार देंगे. अपराधी बार-बार पूछ रहे थे कि पैसा कहां रखा है. इसी बीच, सामने के काउंटर पर रखी दो लाख रुपये की नकदी लूट ली गई. सभी कर्मियों को मारपीट करते हुए बारी-बारी से कार्यालय के अंदर गोदाम में ले जाकर बैठा दिया गया. अपराधियों ने उनकी और तीन और स्टाफ की मोबाइल भी छीन ली.

अपराधियों ने उन्हें गोदाम के अंदर बंद करके एजेंसी का शटर बाहर से गिरा दिया और धमकी दी कि कोई भी बाहर आएगा तो गोली मार देंगे. इसके बाद सभी अपराधी फरार हो गए. दहशत के कारण वे लोग पांच से सात मिनट तक जमीन पर ही बैठे रहे.

इसके बाद बाहर आकर उन्होंने अपने एक कर्मी पवन कुमार के मोबाइल से, जो डेस्क पर छूट गया था, अपने मालिक मोतीलाल राजपाल को सूचना दी. इसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुची. लूटे गए चार मोबाइलों में से एक आमगोला ओवरब्रिज के पास लावारिस हालत में मिला है, जो उनके स्टाफ संजीत कुमार का है.

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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