शहर में ऑटो-ई-रिक्शा पार्किंग शुल्क में फिर ””गोरखधंधा””, पूर्व मेयर ने खोली पोल

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शहर में ऑटो-ई-रिक्शा पार्किंग शुल्क में फिर ””गोरखधंधा””, पूर्व मेयर ने खोली पोल

शहर में ऑटो-ई-रिक्शा पार्किंग शुल्क में फिर ”गोरखधंधा”, पूर्व मेयर ने खोली पोल

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:: निजी एजेंसी के नाम पर चल रही ””समानांतर सरकार””; मालवाहक वाहनों से भी वसूली, पूर्व मेयर ने कार्रवाई की मांग की

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर शहर में प्रवेश करने वाले ऑटो और ई-रिक्शा से पार्किंग शुल्क के नाम पर एक बार फिर अवैध वसूली का ”गोरखधंधा” शुरू हो गया है. नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थलों के अलावा शहर के सभी चौक-चौराहों पर एक निजी एजेंसी के नाम का आई कार्ड लगाकर 10 से 30 रुपये तक की वसूली की जा रही है. इस वसूली में मालवाहक वाहनों को भी नहीं बख्शा जा रहा है, जबकि उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए. पूर्व मेयर सुरेश कुमार ने इस अवैध वसूली का खुलासा करते हुए नगर आयुक्त विक्रम विरकर को पत्र लिखा है. पूर्व मेयर सुरेश कुमार ने अपने पत्र में कहा है कि नगर निगम के समानांतर एक ””सरकार”” काम कर रही है, जिसका एकमात्र काम अवैध वसूली करना है. उन्होंने नगर निगम से ऐसे लोगों की पहचान कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.

पहले भी हो चुका है फर्जीवाड़ा, हो चुकी है प्राथमिकी

ऑटो और ई-रिक्शा से पार्किंग शुल्क में इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद नगर निगम में खलबली मच गयी है. गौरतलब है कि पहले भी इस मामले में नगर आयुक्त द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है. उस समय तीन बाहरी व्यक्तियों के साथ-साथ नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के प्रभारी को भी नामजद अभियुक्त बनाया गया था. तब फर्जी रसीद के सहारे वसूली का खुलासा हुआ था, लेकिन इस पर अभी तक पूरी तरह से लगाम नहीं लग पाया है.

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देवेश कुमार

लेखक के बारे में

By देवेश कुमार

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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