बिहार के इस जिले का कारोबार आसमान छू रहा, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के बिना बढ़ रही चिंता
Published by : Anshuman Parashar Updated At : 23 Jan 2025 9:26 PM
Muzaffarpur News
Muzaafarpur News: मुजफ्फरपुर की सूतापट्टी मंडी उत्तर बिहार का प्रमुख कपड़ा व्यापार केंद्र है, जहां हर रोज सौ करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है. लेकिन यहां की बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर की सूतापट्टी मंडी उत्तर बिहार का प्रमुख कपड़ा व्यापार केंद्र है, लेकिन यह इस समय कई समस्याओं का सामना कर रही है. इस मंडी से न केवल उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में, बल्कि नेपाल तक कपड़े का कारोबार होता है. यहां रोजाना सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार होता है, और शादी-ब्याह के सीजन में यह व्यापार दोगुना हो जाता है. इतना बड़ा कारोबार होने के बावजूद, सूतापट्टी मंडी की बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है, जिससे व्यापारियों और ग्राहकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
व्यापारियों की जिंदगी सूतापट्टी मंडी पर निर्भर
इस मंडी में करीब 10,000 लोग काम करते हैं, जिनमें दुकानदारों के स्टाफ, पलदार और टैंपो चालक शामिल हैं. इन सभी का परिवार इस मंडी के व्यापार से चलता है. सूतापट्टी मंडी में हर दिन बाहर से आने वाले व्यापारियों की भीड़ रहती है और सुबह से लेकर रात तक यहां का बाजार रोशन रहता है. कपड़ा व्यवसायी कहते हैं कि सूतापट्टी मंडी शहर के व्यापार का अहम हिस्सा है और इसके बिना बाजार की वृद्धि असंभव है.
पिछले पांच वर्षों में व्यापार में हुआ उल्लेखनीय विस्तार
पिछले पांच वर्षों में सूतापट्टी मंडी का व्यापार काफी बढ़ा है. इसके साथ ही हजारों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है. हालांकि, व्यापार में इस वृद्धि के बावजूद, इस मंडी की बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना अत्यंत जरूरी है, ताकि व्यापारियों और ग्राहकों की परेशानियां कम की जा सकें. प्रमोद जाजोदिया, महामंत्री चैंबर ऑफ कॉमर्स का कहना है, “अगर सूतापट्टी मंडी की बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाता है, तो व्यापार और तेज़ी से बढ़ सकता है.”
सूतापट्टी मंडी से बाजार में बढ़ा रुपयों का फ्लो
कपड़ा व्यापार की वृद्धि से सूतापट्टी मंडी के आसपास के बाजारों में रुपयों का फ्लो बढ़ा है. सज्जन शर्मा, पूर्व महामंत्री चैंबर ऑफ कॉमर्स का कहना है, “यह सूतापट्टी मंडी के व्यापार की सफलता का ही नतीजा है कि यहाँ रुपयों का प्रवाह बढ़ा है. इस मंडी से जुड़े व्यापारियों के हितों को भी सरकार को ध्यान में रखना चाहिए.”
सूतापट्टी मंडी की समस्याएं
- सार्वजनिक शौचालय की कमी
- पानी की कमी और पेयजल की समस्या
- मंडी में पार्किंग की व्यवस्था का अभाव
- सड़कों पर झुके हुए बिजली के तार
- बारिश के समय कीचड़मय सड़कों की समस्या
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इन बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण व्यापारियों और ग्राहकों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. यदि सूतापट्टी मंडी में इन समस्याओं का समाधान किया जाए, तो व्यापारियों को आसानी होगी और सूतापट्टी मंडी का व्यापार और भी सफल हो सकेगा.
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By Anshuman Parashar
अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.
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