मुजफ्फरपुर: जुटे चार राज्यों के 200 विशेषज्ञ डॉक्टर, जटिल बीमारियों के इलाज पर किया महामंथन

Updated:
विज्ञापन
Muzaffarpur News Api seminar doctors four states discussed complex diseases treatment protocol

जटिल बीमारियों पर मंथन करते डॉक्टर

Muzaffarpur News: एपीआई के सेमिनार में चार राज्यों के 200 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हिस्सा लिया. इसमें स्ट्रोक, एमडीआर टीबी, और गर्भावस्था में हार्ट फेलियर जैसी जटिल बीमारियों के आधुनिक इलाज व वैश्विक प्रोटोकॉल पर गंभीर मंथन हुआ. जानिए पूरी खबर…

विज्ञापन

मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन ऑफ इंडिया (एपीआई) और इंडियन कॉलेज ऑफ फिजिशियन बिहार चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में मुजफ्फरपुर में एक उच्चस्तरीय चिकित्सा सेमिनार का आयोजन किया गया. इसमें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के लगभग 200 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और प्रोफेसर्स ने हिस्सा लिया. सेमिनार में गंभीर और जटिल बीमारियों के आधुनिक क्लिनिकल प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की गई.

स्ट्रोक और पीलिया पीड़ित टीबी मरीजों के इलाज पर गंभीर चर्चा

कोलकाता से आए प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ज्योतिर्मय पाल ने स्ट्रोक के मरीजों में उच्च रक्तचाप प्रबंधन पर व्याख्यान दिया. उन्होंने तीव्र स्ट्रोक की स्थिति में न्यूरोलॉजिकल डैमेज को न्यूनतम करने के लिए नवीनतम वैश्विक प्रोटोकॉल की जानकारी दी. वहीं, कोलकाता की डॉ. नंदिनी चटर्जी ने पीलिया से पीड़ित मरीजों में एंटी-ट्यूबरकुलोसिस ड्रग्स के संवेदनशील प्रबंधन पर बात की. उन्होंने बताया कि टीबी की मुख्य दवाएं लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं, इसलिए ऐसे मरीजों के लिए वैकल्पिक दवाओं और कस्टमाइज्ड डोजिंग का उपयोग किया जाना चाहिए.

बुजुर्गों की बीमारी और गर्भावस्था में हार्ट फेलियर पर व्याख्यान

बनारस से आए डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बुजुर्गों में मांसपेशियों की कमजोरी पर महत्वपूर्ण गाइडलाइंस साझा कीं. गया के डॉ. पी. के. सिन्हा ने गर्भावस्था के दौरान हार्ट फेलियर जैसी अति-संवेदनशील स्थिति को संभालने के तरीके बताए. भागलपुर के डॉ. डी. पी. सिंह ने एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी के सटीक डायग्नोसिस के लिए जीनएक्सपर्ट की उपयोगिता समझाई. रांची के डॉ. देओनिस जेस ने केस स्टडीज के जरिए रियूमेटोलॉजी और इम्यूनोलॉजी की बारीकियों को रखा.

स्थानीय व राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किए व्यावहारिक अनुभव

मुजफ्फरपुर के डॉ. शैलेंद्र कुमार ने एमडीआर टीबी के इलाज में अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए. आईजीआईएमएस पटना के डॉ. सुधीर कुमार ने इन्फेक्टिव एंडोकार्डिटिस और एम्स पटना के डॉ. विजय कुमार ने भारतीय मरीजों के लिए सही बीपी दवाओं के चयन पर बारीकियां बताईं. इस मौके पर एपीआई बिहार के चेयरमैन डॉ. आर. के. मोदी समेत चार राज्यों के कई दिग्गज डॉक्टरों ने अपने विचार रखे.

विज्ञापन
सुनील कुमार सिंह

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन