मुजफ्फरपुर गैस पाइप ब्लास्ट: पहले भी 3 बार फट चुकी है गैस पाइपलाइन, अब भी सचेत न हुए तो हो सकता है बड़ा हादसा

बुल्डोजर से नाला की खुदाई करते वक्त पीएनजी गैस पाइपलाइन फटी
मुशहरी के रोहुआ में पीएनजी पाइपलाइन फटने से 5 स्कूली छात्राएं बेहोश हो गईं. यह घटना मुजफ्फरपुर में पाइपलाइन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है. इससे पहले भी तीन बार गैस पाइप फट चुकी है.
Muzaffarpur Gas Pipe Blast:: मुशहरी के रोहुआ में पीएनजी पाइपलाइन फटने और गैस रिसाव से पांच स्कूली छात्राओं के बेहोश होने की घटना ने शहर में पाइपलाइन सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. यह पहली बार नहीं है, जब निर्माण कार्य के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई हो. इससे पहले माड़ीपुर, सिकंदरपुर और बेला औद्योगिक क्षेत्र में भी खुदाई के दौरान पीएनजी पाइपलाइन फट चुकी है. हालांकि उन घटनाओं में समय रहते गैस आपूर्ति बंद कर दी गई थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
पहले भी कई बार फट चुकी है गैस पाइपलाइन
जानकारी के अनुसार, माड़ीपुर (शिमना होटल के पास), सिकंदरपुर और बेला इंडस्ट्रियल एरिया में सड़क और नाला निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई थी. हर बार इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की मेंटेनेंस टीम ने तत्काल वॉल्व बंद कर स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन बार-बार हो रही घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं.
डीएम को लिखी गई थी शिकायत
लगातार हो रही घटनाओं को लेकर आईओसीएल के अधिकारियों ने पहले ही जिला प्रशासन को पत्र लिखकर चिंता जताई थी. पत्र में कहा गया था कि सड़क या नाला निर्माण कराने वाली एजेंसियां खुदाई शुरू करने से पहले पीएनजी विभाग को सूचना नहीं देतीं. इसी लापरवाही के कारण पाइपलाइन बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है.
32 हजार से अधिक घरों तक पहुंची पीएनजी
मुजफ्फरपुर में पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है. अब तक 32,341 से अधिक घरों को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है, जबकि 15 हजार से अधिक घरों में गैस आपूर्ति शुरू हो चुकी है. शहर के अखाड़ाघाट, जीरोमाइल, गौशाला रोड, बावन बीघा, मिठनपुरा और बेला समेत कई इलाकों में पाइपलाइन बिछाने और नए कनेक्शन देने का काम तेज गति से चल रहा है.
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क्यों खतरनाक है पीएनजी गैस रिसाव?
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएनजी में मुख्य रूप से मीथेन गैस होती है, जो अत्यधिक ज्वलनशील होती है. गैस रिसाव के दौरान यदि बिजली का स्पार्क, माचिस या किसी भी प्रकार की चिंगारी संपर्क में आ जाए तो बड़ा विस्फोट हो सकता है. इसके अलावा गैस के कारण हवा में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे दम घुटना, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
गैस रिसाव हो तो तुरंत करें ये काम
अगर आपके आसपास गैस की तेज गंध महसूस हो तो घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत ये कदम उठाएं:
- सबसे पहले सुरक्षित स्थिति में मुख्य गैस वाल्व बंद करें.
- किसी भी बिजली के स्विच, मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल प्रभावित क्षेत्र में न करें.
- सभी दरवाजे और खिड़कियां खोलकर वेंटिलेशन बढ़ाएं.
- तुरंत खुले और सुरक्षित स्थान पर चले जाएं.
- सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद गैस वितरण कंपनी (आईओसीएल) या आपदा नियंत्रण कक्ष को तुरंत सूचना दें.
प्रशासन और एजेंसियों के बीच समन्वय की जरूरत
रोहुआ की घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि जब शहर में बड़े पैमाने पर पीएनजी नेटवर्क का विस्तार हो रहा है, तो निर्माण एजेंसियों और गैस कंपनी के बीच बेहतर समन्वय क्यों नहीं है. विशेषज्ञों का मानना है कि खुदाई से पहले पाइपलाइन का सटीक नक्शा साझा करना और संयुक्त निरीक्षण कराना ऐसे हादसों को रोकने के लिए बेहद जरूरी है.
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By अनिकेत कुमार
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