मुजफ्फरपुर में डॉ. तृप्ति सिंह के काव्य-संग्रह 'उस दुनिया तक' का भव्य लोकार्पण

डॉ तृप्ति सिंह की पुस्तक का लोकार्पण करते साहित्यकार | Prabhat Khabar Network
मुजफ्फरपुर में कवयित्री डॉ. तृप्ति सिंह के बहुप्रतीक्षित काव्य-संग्रह 'उस दुनिया तक' का भव्य लोकार्पण समारोह संपन्न हुआ. इस साहित्यिक आयोजन में शहर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और राजनेताओं ने शिरकत की और पुस्तक पर सारगर्भित चर्चा की.
Muzaffarpur: मुजफ्फरपुर कलमबाग चौक स्थित एक होटल के सभागार में कवयित्री डॉ. तृप्ति सिंह के नए काव्य-संग्रह 'उस दुनिया तक' का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया. इस साहित्यिक गरिमामय आयोजन में शहर के वरिष्ठ साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और राजनेताओं ने शिरकत की तथा पुस्तक पर गंभीर चर्चा की.
कविताएं मनुष्य के जीवन राग को करती हैं प्रभावित
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. भगवानलाल सहनी ने पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कविता मनुष्य के जीवन राग को गहराई से प्रभावित करती है. मनुष्यता, संवेदना और मानवीयता के पक्ष में लिखी गई डॉ. तृप्ति सिंह की ये कविताएं समाज के लिए बेहद सार्थक और स्वागतेय हैं.
आत्मीयता और जीवनानुभवों का जीवंत दस्तावेज
समारोह की अध्यक्षता कर रहे सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. संजय पंकज ने कहा कि डॉ. तृप्ति सिंह की रचनाएं उनके व्यक्तिगत जीवन में महसूसे गए क्षणों की सुंदर अभिव्यक्ति हैं. इनकी कविताओं में भीड़ और एकांत की मिली-जुली भावनात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं, जो मुखर होकर सीधे आत्मीय बातें करती हैं. वहीं विशिष्ट अतिथि डॉ. ममता रानी ने रेखांकित किया कि कवयित्री ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नारी जीवन के अस्तित्व, उसके मूल भाव एवं मानवीय संवेदनाओं को बहुत ही बारीकी से स्पर्श किया है.
दिग्गजों ने डॉ. तृप्ति की लेखनी को सराहा
- एमएलसी डॉ. संजय कुमार सिंह: प्रस्तुत पुस्तक लेखिका के व्यापक और गहरे जीवनानुभवों का एक बेहतरीन दस्तावेज है.
- विधायक रंजन कुमार: डॉ. तृप्ति सिंह का यह नया संग्रह पूरी तरह से मनुष्यता की बात करता है और समाज को जोड़ने का काम करता है.
- समाजसेवी डॉ. हरेंद्र कुमार: इस पुस्तक की अहमियत, इसकी भाषा और लिखने का अंदाज पाठकों को गहराई से प्रभावित करता है.
- पूर्व सांसद अजय निषाद: डॉ. तृप्ति सिंह की कविताएं मनुष्य की वास्तविक और मूल संवेदना की सच्ची साक्षी हैं.
मुजफ्फरपुर की भूमि पर संवेदना व्यक्त करना ही मेरी उपलब्धि
समारोह के अंत में सभी के प्रति आभार और धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कवयित्री डॉ. तृप्ति सिंह भावुक हो उठीं. उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर की भूमि साहित्यिक रूप से बेहद उर्वरा भूमि रही है. इस पावन धरती पर आकर अपनी संवेदना को कविताओं के माध्यम से व्यक्त कर पाना ही मेरी सबसे बड़ी साहित्यिक उपलब्धि है. कार्यक्रम का सफल संचालन और विषय प्रवेश डॉ. पंकज कर्ण द्वारा कराया गया.
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By Vinay Kumar
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