कुढ़नी के युवक की दरभंगा पुलिस की हिरासत में मौत, लोगों का हंगामा

कुढ़नी : कुढ़नी के पंकज महतो (28 वर्ष) की मौत दरभंगा पुलिस अभिरक्षा में गुरुवार की अहले सुबह पीएमसीएच में हो गयी. दो दिन पूर्व तबीयत बिगड़ने पर पंकज को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था. पंकज की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण दोपहर को कुढ़नी थाने पर पहुंच कर हंगामा करने लगे.
कुढ़नी : कुढ़नी के पंकज महतो (28 वर्ष) की मौत दरभंगा पुलिस अभिरक्षा में गुरुवार की अहले सुबह पीएमसीएच में हो गयी. दो दिन पूर्व तबीयत बिगड़ने पर पंकज को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया था. पंकज की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण दोपहर को कुढ़नी थाने पर पहुंच कर हंगामा करने लगे. सभी सिमरी पुलिस पर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा रहे थे. देर शाम शव आने पर एंबुलेंस सहित लोग थाने पहुंच कर प्रदर्शन करने लगे. सभी सिमरी थानेदार सहित पुलिस टीम पर एफआईआर की मांग कर रहे थे. हंगामे की सूचना पर सरैया एसडीपीओ राजेश शर्मा, सर्किल इंस्पेक्टर राज किशोर सिंह के साथ तुर्की, फकुली, करजा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. इसी बीच भीड़ ने मनियारी पुलिस की गाड़ी को सिमरी थाना की पुलिस समझ रोड़ेबाजी कर दी. पंकज की पत्नी ने मौत के लिये सिमरी थाना पुलिस पर आरोप लगाते हुए थानेदार अरविंद प्रसाद को प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया, तब जाकर मामला शांत हो पाया.
25 अगस्त को सिमरी थानाध्यक्ष हरि किशोर यादव पुलिस बल के साथ कुढ़नी थाना पर पहुंचे थे. उन्होंने कुढ़नी के राजेश सहनी, पंकज महतो व अजय कुमार को पिकअप लूट का फरार आरोपित बताते हुए छापेमारी की. सिमरी थाना क्षेत्र में 16 अगस्त की रात पिकअप की लूट हुई थी. लूट के क्रम में चालक का मोबाइल पिकअप में छूट गया था. पंकज व राजेश ने चालक के मोबाइल को कुढ़नी के अजय कुमार के हाथों बेच दिया. अजय अपना सिम डालकर मोबाइल का उपयोग करने लगा. सिमरी पुलिस ने मोबाइल के मिले टावर लोकेशन से कुढ़नी पहुंची. इसके बाद कुढ़नी पुलिस के सहयोग से देर रात छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया. राजेश को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. अजय की लूट में संलिप्तता नहीं होने पर छोड़ दिया. जबकि पंकज की पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गयी.
पंकज की मां बासमती देवी ने बताया कि उसका बेटा पंकज कभी घुपचुप बेच कर तो कभी ऑटो चलाकर पूरे परिवार का भरण पोषण करता था. उनका कहना था कि पुलिस हिरासत में बेरहमी से पंकज की पिटाई की गयी, इसी वजह से उसकी मौत हुई है. पंकज की मौत पर पत्नी मंजू देवी, मां बासमती देवी, दो छोटे पुत्र रितेश व राज कुमार का रो -रोकर बुरा हाल था.
पंकज की पत्नी का कहना है कि तीन दिन पहले जब वह अपने पति से मिलने थाने पहुंची तो पहले मिलने नहीं दिया गया. बाद में जब मिले तो सही से चल नहीं पा रहे थे. पुलिस इतना पिटाई किया था कि वह पेट के बल घुसक कर चल रहे थे. पार्षद प्रतिनिधि सुजीत रजक, पूर्व मुखिया रजला शिवशंकर महतो, राजद नेता प्रदीप यादव, मुखिया गोपी यादव, शम्भू राय, मुकेश कुमार, नीलाभ कुमार आदि ने परिजनों से मुलाकात कर उनको ढाढ़स बंधाया.
सिमरी थानेदार ने कहा कि पंकज पहले से ही बीमार था. डीएमसीएच में चिकित्सकों ने बताया कि पंकज को ब्रेन टीबी था. उसको लिवर और किडनी से संबंधित बीमारी थी. तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया, वहां से पटना रेफर किया गया. जहां उसकी मौत हो गयी.
posted by ashish jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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