कृष्ण के रूप अनेक, जैसे चाहें वैसे भज लें

Author Kumar dipu
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कृष्ण के रूप अनेक, जैसे चाहें वैसे भज लें

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माधव 24

व्यास पीठ से गौरांगी गौरी ने भक्ति के रूप पर की व्याख्या

कहा-प्रेम का नाम लेने पर श्रीकृष्ण ही सबसे पहले आते याद

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

व्यास पीठ से गौरांगी गौरी ने भक्ति के रूपों पर व्याख्या की. कहा-प्रेम का नाम लेने पर श्रीकृष्ण ही सबसे पहले याद आते हैं. कृष्ण के अनेक रूप हैं. भक्त जैसे चाहें वैसे भज सकते हैं. पताही स्थित श्री श्री 1008 महारुद्र यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा शुरू होने से पहले व्यास पीठ की पूजा की गयी और कथा का शुभारंभ हुआ. कथा में अयोध्या धाम से पधारी मां आदि शक्ति सेवा ट्रस्ट की संस्थापिका गौरांगी गौरी जी ने ठाकुर जी के विवाह का वर्णन किया. मुख्य यजमान राकेश कुमार गुड्डू ओझा थे. यज्ञ अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा है भंडारे की संपूर्ण व्यवस्था की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्त भूखे नहीं जाये. आचार्य रवि पाण्डेय ने कहा कि आज यज्ञ में कमेटी अध्यक्ष मनीष सिंह के द्वारा पूर्ण अभिषेक करवाया गया. इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा, समीर सिंह, विक्रमादित्य कुमार, चीकू, वेद प्रकाश, अविनाश पांडे, गंगेश मिश्रा, सोनू पांडे, सर्वेश झा, पीके शुक्ला, दीपक ठाकुर, कुमुद रंजन, रवि रंजन, शिशिर पांडे, प्रशांत, मनीष, सुनील यादव, चंद्र प्रकाश ठाकुर समेत बड़ी संख्या में यज्ञ के कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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कुमार दीपू

लेखक के बारे में

By कुमार दीपू

स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

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