वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के स्नातक पांचवें सेमेस्टर के हजारों छात्र अब क्लासरूम से बाहर निकलकर सीधे उद्योगों के बारे में सीखेंगे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों के दो दर्जन प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है. मार्च में होने वाली परीक्षा से पहले छात्रों को अपनी इंटर्नशिप पूरी करनी होगी. चौथे सेमेस्टर की परीक्षा दे चुके छात्रों के लिए पांचवें सेमेस्टर की कक्षाएं और इंटर्नशिप एक साथ आयोजित की जाएगी. समय की कमी और छात्रों की सुविधा को देखते हुए विश्वविद्यालय हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन और ऑफलाइन का मिश्रण) में ट्रेनिंग कराने पर मंथन कर रहा है. दिसंबर में परीक्षा बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद अब इसे जमीन पर उतारने की कवायद तेज हो गई है. ऐसे में लीची सेंटर से लेकर मोबाइल, ऑटोमोबाइल तक के विकल्प रखे गए है. छात्रों को उनके विषय से संबंधित क्षेत्रों में भेजा जाएगा ताकि वे व्यावसायिक बारीकियां समझ सकें.यह केंद्र चिह्नित
अनुसंधान और कृषि, मुशहरी स्थित राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्रमीडिया और संचार: सिकंदरपुर दूरदर्शन केंद्र
कुटीर उद्योग: इस्लामपुर की प्रसिद्ध लहठी मंडीऔद्योगिक क्षेत्र: बेला के उद्योग (मार्केटिंग और पैकेजिंग के लिए)
तकनीकी व अन्य: हाजीपुर की दवा कंपनियां और मोबाइल व ऑटोमोबाइल सेक्टरक्यों जरूरी है यह इंटर्नशिप?
सत्र 2023-27 के छात्रों के लिए यह इंटर्नशिप अनिवार्य है. विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि छात्र स्नातक की डिग्री पूरी करने तक रोजगार के लिए तैयार हो सकें. इससे न केवल उनके व्यावसायिक कौशल में सुधार होगा, बल्कि भविष्य में नौकरी पाने में भी आसानी होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

