Muzaffarpur : भगवान किसी माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते, प्रगट होते हैं

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Muzaffarpur : भगवान किसी माता के गर्भ से  जन्म नहीं लेते, प्रगट होते हैं

Muzaffarpur : भगवान किसी माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते, प्रगट होते हैं

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बाबा खगेश्वरनाथ महादेव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवा दिन प्रतिनिधि, बंदरा मतलुपुर स्थित बाबा खगेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को अयोध्या से आये कथावाचक आचार्य श्रीदास कमलेश जी महाराज ने कहा कि भगवान अजन्मा हैं. वे कभी भी किसी माता के गर्भ से जन्म नहीं लेते, अपितु प्रगट होते हैं. जैसे माता कौशल्या के सामने भगवान चतुर्भुज रूप में प्रगट हुए. भये प्रगट कृपाला और प्रगट होने के बाद जब कौशल्या मां ने स्तुति की, तब बालक बन गये. प्राकृत शिशु के रूप में प्रगट हो गये. इसी प्रकार से वासुदेव-देवकी के सामने भी कारागार में भगवान नारायण चतुर्भुज रूप में प्रगट हुए और वासुदेव जी से कहा कि आप यमुना पार श्री नंद बाबा के यहां हमको पहुंचा दीजिये. इसीलिए भगवान को अजन्मा कहा गया है. लोग प्रश्न करते हैं कि आपके भगवान प्रगट कैसे होते हैं और भगवान के अवतार की धारणा को गलत बताते है़ं उनका जवाब देते हुए महाराज जी ने कहा कि जो सब कुछ करने में समर्थ होता है, वही ईश्वर है, भगवान हैं. हमारे ठाकुर जी सब करने में समर्थ हैं. आवश्यकता पड़ने पर प्रह्लाद के वचनों की रक्षा के लिए खम्भे से प्रगट हो जाते हैं, भक्त नामदेव के लिए कुत्ते से प्रगट हो जाते हैं सुकर रूप में. क्योंकि ईश्वर वही, जो सब कुछ करने में समर्थ है. कथा के दौरान भगवान का जन्मोत्सव और मिथिला के भाव को राम विवाह के माध्यम से बताया गया. साथ ही झांकी भी निकाली गयी. मौके पर अमृतेश कुमार, पूर्व कुलपति डाॅ गोपालजी त्रिवेदी, बब्बन त्रिवेदी, संजय कुमार त्रिवेदी, अशोक झा, विनय पाठक सहित अन्य लोग मौजूद थे.

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