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अंकपत्र नहीं मिलने से कन्या उत्थान के लाभ से वंचित होंगी छात्राएं

Updated at : 09 Jan 2025 1:36 AM (IST)
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अंकपत्र नहीं मिलने से कन्या उत्थान के लाभ से वंचित होंगी छात्राएं

अंकपत्र नहीं मिलने से कन्या उत्थान के लाभ से वंचित होंगी छात्राएं

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-दिसंबर 2024 तक स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं का डेटा पोर्टल पर करना है अपलोड, परिणाम जारी करने के बाद अबतक छात्राओं को अंकपत्र का इंतजार-11 जनवरी तक नव निर्मित पोर्टल पर डाटा अपलोड करना है डेटा, नाम नहीं दिखने पर प्रतिदिन छात्राएं पहुंच रहीं विश्वविद्यालय

मुजफ्फरपुर.

बीआरएबीयू की ओर से पिछले वर्ष स्नातक तृतीय वर्ष का परिणाम जारी कर दिया गया, लेकिन अबतक छात्राओं को अंकपत्र नहीं मिला है. इस कारण बड़ी संख्या में छात्राएं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ पाने से वंचित हो जाएंगी. सरकार की ओर से विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर पिछले वर्ष दिसंबर तक स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं का डेटा मांगा गया है. इसमें छात्राओं का अंकपत्र अनिवार्य रूप से अपलोड करना है, जबकि अबतक विवि ने एडमिट कार्ड जारी ही नहीं किया है. इस कारण सत्र 2021-24 में स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को इसका लाभ नहीं मिल पायेगा. विवि में स्नातक सत्र 2019-22 और 2020-23 में स्नातक उत्तीर्ण होने वाली छात्राओं का डाटा अपलोड कर उनका सत्यापन किया जा रहा है. मुजफ्फरपुर, वैशाली और पूर्वी चंपारण के कॉलेजों का डेटा अपलोड कर दिया गया हैं.हालांकि, डेटा अपलोड होने के बाद बड़ी संख्या में छात्राओं ने पोर्टल पर रिकॉर्ड नॉट फाउंट का मैसेज मिलने की शिकायत की है. ऐसे में विवि की ओर से कहा जा रहा है कि पोर्टल में तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह समस्या हो रही है. गड़बड़ी दूर होते ही छात्राओं का नाम दिखने लगेगा. इसके बाद वे लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कर सकते हैं.

पेंडिंग के कारण अंकपत्र जारी करने में हो रहा विलंब

विवि की ओर से बीते दिनों जारी स्नातक के परिणाम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का परिणाम पेंडिंग है. ऐसे में अंकपत्र जारी होने पर उन छात्र-छात्राओं को अंकपत्र के लिए विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना होगा. दर्जनों छात्रों ने स्नातक प्रथम वर्ष की विशेष परीक्षा दी है. उसका परिणाम जारी हाेने के बाद ही तृतीय वर्ष का परिणाम सुधरेगा. ऐसे में अंकपत्र जारी करने में विलंब हो सकता है. यदि विभाग के स्तर से इन छात्राओं को दोबारा आवेदन का मौका नहीं मिलता है तो बड़ी संख्या में छात्राएं योजना का लाभ लेने से वंचित हो जाएंगी.

योजना को लेकर बिचौलिये हो गये सक्रिय

कन्या उत्थान योजना को लेकर डेटा अपलोड किया जा रहा है. ऐसे में बिचौलिये भी परिसर में सक्रिय हो गये हैं. विश्वविद्यालय की ओर से छात्राओं को अलर्ट किया गया है. कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को डेटा अपलोडिंग से लेकर सत्यापन के नाम पर पैसे नहीं दें. विश्वविद्यालय स्तर से ही यह कार्य किया जा रहा है. इसके लिए किसी व्यक्ति को पैसा देने की जरूरत नहीं है.

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