वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर
बीआरएबीयू में चार वर्षीय स्नातक कोर्स (सत्र 2023-27) के छात्रों के लिए इंटर्नशिप गले की फांस बन गयी है. चौथे सेमेस्टर की परीक्षा तो समाप्त हो गयी है, लेकिन पांचवें सेमेस्टर के लिए अनिवार्य 60 घंटे की इंटर्नशिप को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन अबतक दिशाहीन नजर आ रहा है. आलम यह है कि परीक्षा बोर्ड की बैठक में कमेटी गठन के फैसले के पांच दिन बाद भी अब तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है. राजभवन के रेगुलेशन के अनुसार चौथे सेमेस्टर की परीक्षा अप्रैल-मई में संपन्न हो जानी चाहिए थी, ताकि छात्र गर्मी की छुट्टियों का उपयोग इंटर्नशिप के लिए कर सकें. लेकिन विवि में यह परीक्षा दिसंबर में संपन्न हुई है. अब मार्च में पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा प्रस्तावित है. ऐसे में चौथे और पांचवें सेमेस्टर के बीच समय का अभाव (नो ब्रेक) होने के कारण 60 घंटे की ट्रेनिंग व नियमित कक्षाओं के बीच संतुलन बनाना नामुमकिन दिख रहा है.मॉडल पर फंसा पेच
विश्वविद्यालय ने अब तक यह तय नहीं किया है कि छात्र इंटर्नशिप कहां और कैसे करेंगे. इंटर्नशिप का मॉडल तैयार करने के लिए जिस कमेटी का गठन होना था, वह फाइलों में ही दबी है. यदि समय रहते मॉडल व गाइडलाइन जारी नहीं हुई, तो हजारों छात्रों का क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

