पीएमसीएच में वर्षों से अटके इंजरी रिपोर्ट, नहीं हो रहा कांडों के निष्पादन

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पीएमसीएच में वर्षों से अटके इंजरी रिपोर्ट, नहीं हो रहा कांडों के निष्पादन

Execution of cases is not happening

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मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में वर्षों से जख्म प्रतिवेदन लंबित रहने के कारण विभिन्न थानों में दर्ज आपराधिक मामलों के निष्पादन में भारी विलंब हो रहा है. संबंधित थानों द्वारा कई बार मांग किए जाने के बावजूद पीएमसीएच प्रशासन द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला विधि प्रशाखा के वरीय उप समाहर्ता ने पीएमसीएच के उपाधीक्षक को पत्र लिखकर लंबित जख्म प्रतिवेदनों की जानकारी दी है. उन्होंने लंबित आठ कांडों का विस्तृत ब्योरा भेजकर इन्हें तत्काल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि इन मामलों का निपटारा किया जा सके.इसके जवाब में पीएमसीएच के उपाधीक्षक ने बताया है कि अस्पताल में इलाज से संबंधित कोई भी अभिलेख उपलब्ध नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि अभिलेख प्राप्त होने के बाद ही जख्म प्रतिवेदन तैयार किया जा सकेगा. इसके लिए उन्होंने इलाज से संबंधित कागजात और सीटी स्कैन प्लेट उपलब्ध कराने की मांग की है. अब इस मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए केस के अनुसंधानकर्ताओं से संपर्क कर आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि लंबित जख्म प्रतिवेदन प्राप्त किए जा सकें. सूची के अनुसार, सकरा थाना के दो, औराई के एक, कटरा के दो, जजुआर के एक, बरुराज के एक और पानापुर करियात थाना के एक, कुल मिलाकर आठ मामले लंबित हैं. इनमें सकरा और कटरा थाना से संबंधित एक-एक मामला तो वर्ष 2017 और 2019 से अटका हुआ है, जिनका निष्पादन जख्म प्रतिवेदन के बिना संभव नहीं है. अन्य मामले वर्ष 2020 के बाद के हैं. इस लापरवाही के चलते न्याय प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है.

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प्रभात कुमार

लेखक के बारे में

By प्रभात कुमार

प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.

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