नये साल में मुजफ्फरपुर जिले की बिजली आपूर्ति होगी बेहतर, मिलेगा 15 पीएसएस का तोहफा

Updated at : 01 Jan 2021 9:49 AM (IST)
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नये साल में मुजफ्फरपुर जिले की बिजली आपूर्ति होगी बेहतर, मिलेगा 15 पीएसएस का तोहफा

कुमार गौरव, मुजफ्फरपुर : बिजली कंपनी एनबीपीडीसीएल शहर में उत्तर बिहार का पहला ई-हाउस पावर सब स्टेशन (पीएसएस) बनाने जा रही है. इसके लिए जिला स्कूल पानी टंकी चौक के आस-पास के क्षेत्र में जमीन देखी गयी है. चयनित स्थल के मिट‍्टी जांच के बाद जमीन लेने के लिए एनओसी की कार्रवाई की जायेगी. ई-हाउस पीएसएस पूरी तरह ऑटोमेटिक फंशनल होगा. इसके लिए बहुत कम जगह चाहिए. महज 18 इंटू 15 मीटर जमीन इसके लिए चाहिए, जबकि सामान्य पीएसएस के लिए 40 इंटू 40 मीटर जमीन चाहिए. इसकी क्षमता सामान्य पीएसएस की तरह 20 मेगावाट की होगी.

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कुमार गौरव, मुजफ्फरपुर : बिजली कंपनी एनबीपीडीसीएल शहर में उत्तर बिहार का पहला ई-हाउस पावर सब स्टेशन (पीएसएस) बनाने जा रही है. इसके लिए जिला स्कूल पानी टंकी चौक के आस-पास के क्षेत्र में जमीन देखी गयी है. चयनित स्थल के मिट‍्टी जांच के बाद जमीन लेने के लिए एनओसी की कार्रवाई की जायेगी. ई-हाउस पीएसएस पूरी तरह ऑटोमेटिक फंशनल होगा. इसके लिए बहुत कम जगह चाहिए. महज 18 इंटू 15 मीटर जमीन इसके लिए चाहिए, जबकि सामान्य पीएसएस के लिए 40 इंटू 40 मीटर जमीन चाहिए. इसकी क्षमता सामान्य पीएसएस की तरह 20 मेगावाट की होगी.

इस क्षेत्र में अब तक की यह सबसे लेटेस्ट तकनीक है. विश्व के 28 देशों में यह काम कर रहा है. इधर बताते चले कि अपने शहर में उत्तर बिहार का पहला गैस इंसुलेटेड पीएसएस का निर्माण एमआडीए कैंपस में ट्रेजरी के ऑफिस के सामने शुरू हो चुका है. उसके बाद बिजली कंपनी की दूसरी सौगात शहर को मिलने जा रही है. इसे बनाने में करीब छह से सात करोड़ की लागत आयेगी.

यह ऐसा पीएसएस है जिसमें पावर सब स्टेशन के सारे इक्यूपमेंट (पावर ट्रांसफॉर्मर, इंसुलेटर, तार, स्वीच बोर्ड, कंट्रोल आदि) एक बड़े ‘आइएसओ मरीन कंटेनर’ के अंदर होगा. जो पूरी तरह हवा, पानी व आग से फूल प्रूफ होगा. इसे क्रेन से आसानी से उठाकर एक जगह से दूसरे जगह शिफ्ट किया जा सकता है. पर्यावरण के अनुसान स्वत वोल्टेज को कंट्रोल करता है. पीएसएस के अंदर किसी तरह के फॉल्ट को यह स्वत ढूढना शुरू करता है और उसे ठीक करते हुए उसकी जानकारी कंट्रोलिंग सिस्टम को भेजता है. यह मानव रहित है. इसे बनाने वाली कंपनी आपके जरूरत के हिसाब से इसे तैयार करती है. जैसे आपको कितनी क्षमता का ई-हाउस चाहिए. बड़े-बड़े इंडस्ट्रियल साइट पर इसका उपयोग होता है.

उत्तर बिहार का यह पहला ई-हाउस पीएसएस शहर में बनने जा रहा है. इसके लिए सरकारी जमीन देखी गयी है, उसकी जांच के बाद एनओसी मिलते ही इसका निर्माण शुरू किया जायेगा. सामान्य पीएसएस की मुकाबले यह बहुत कम जगह में तैयार होता है और यह पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम है. विजय कुमार, कार्यपालक अभियंता (प्रोजेक्ट) एनबीपीडीसीएल

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Posted By: Thakur Shaktilochan

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