वाहनों का फिटनेस शुल्क बढ़ा, वाहन मालिक परेशान

वाहनों का फिटनेस शुल्क बढ़ा, वाहन मालिक परेशान
– 22 नवंबर से सिस्टम में बढ़े शुल्क पर चालान कटना शुरू वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर वाहनों का फिटनेस शुल्क बढ़ा दिया गया है. इसकी अधिसूचना जारी करते हुए उसे परिवहन विभाग के सिस्टम में लागू भी कर दिया गया है. अचानक बढ़े फिटनेस शुल्क से व्यवसायिक वाहन मालिक परेशान हो गये हैं. इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है. वाहनों के प्रकार और उसके उम्र के हिसाब से फिटनेस शुल्क में अलग अलग बढ़ोत्तरी की गयी है. शनिवार को जिला परिवहन कार्यालय में फिटनेस का शुल्क कटाने आये वाहन मालिक जब काउंटर पर पहुंचे तो पता चला कि शुल्क में बढ़ोत्तरी हो चुकी थी. वाहन का फिटनेस फेल होने पर पर उन्हें जुर्माना नहीं लगे. इसलिए तत्काल उन्होंने बढ़े शुल्क के तहत चालान कटा कर आगे की कागजी प्रक्रिया पूरी की. नए नियमों के तहत, 15 वर्ष से कम और 15-20 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए गए हैं. नये नियम में 10 साल से पुराने सभी पैसेंजर और कमर्शियल गाड़ियों पर नए और ज्यादा फिटनेस शुल्क लागू किया है. पहले यह शुल्क केवल 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों पर लागू होते थे, लेकिन नए शुल्क आने के बाद यह तीन गुना तक बढ़ गया है. कई पुरानी कमर्शियल गाड़ियों के लिए यह फीस 10 गुना तक की बढ़ोतरी हुई है. इसमें दोपहिया, तीन पहिया, क्वाड्रिसाइकिल, एलएमवी, एमजीवी, एचजीवी सेगमेंट तक की गाड़ियां शामिल है. मोटर फेडरेशन के जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि जानकारी मिली है. अभी गजट देखने के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो पायेगी. बढ़े शुल्क को 22 नवंबर से लागू कर दिया गया है.
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