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जमीन की खरीद-बिक्री घटने से वार्षिक लक्ष्य तय करने में फंसा पेंच, 76 फीसदी ही वसूली

Updated at : 09 Apr 2024 8:35 PM (IST)
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जमीन की खरीद-बिक्री घटने से वार्षिक लक्ष्य तय करने में फंसा पेंच, 76 फीसदी ही वसूली

जमीन की खरीद-बिक्री

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::: 100-150 करोड़ रुपये के बीच एक साल में राजस्व जुटाना हो जायेगा मुश्किल, रोजाना 25-30 की संख्या में बिक रही जमीन

::: 22 फरवरी से जिसके नाम जमाबंदी, उसी को जमीन बेचने का मिले अधिकार से घट गयी है रजिस्ट्री

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

रजिस्ट्री के नियम में हुए बदलाव के बाद मुजफ्फरपुर सहित तिरहुत प्रमंडल के जिलों में जमीन की खरीद-बिक्री सीधे घटकर 25-35 फीसदी पर पहुंच गया है. इससे मुजफ्फरपुर जिला सहित प्रमंडल स्तर पर सरकार को प्राप्त होने वाली राजस्व में काफी कमी आयी है. प्रमंडल का कोई भी जिला वित्तीय वर्ष 2023-24 में सरकार से तय लक्ष्य को पूरा नहीं कर सका. सरकार से 1638.91 करोड़ का लक्ष्य तय किया गया था. इसके अनुपात में प्रमंडल के पांचों जिला से 1321.74 करोड़ रुपये की वसूली हुई है. यह तय लक्ष्य की तुलना में 76.21 फीसदी है. यही कारण है कि सरकार से चालू वित्तीय वर्ष के लिए जिले का टारगेट तय करने में समय लग रहा है. बताया जाता है कि जिस रफ्तार में अभी रजिस्ट्री हो रही है. यही स्थिति रही, तो इस वित्तीय वर्ष में एक जिला से 100-150 करोड़ रुपये की भी वसूली कर पाना मुश्किल होगा. विभाग की तरफ से चालू वित्तीय वर्ष के लिए टारगेट भी तय नहीं किया गया है. प्रमंडल के रजिस्ट्री ऑफिस से मिले आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने मार्च में सबसे कम रजिस्ट्री हुई. मुजफ्फरपुर जिले के आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुजफ्फरपुर शहरी व ग्रामीण इलाके को मिला कुल 81 हजार 267 जमीन की प्लॉट की खरीद-बिक्री हुई थी. इससे सरकार को 377 करोड़ 80 लाख 74 हजार 558 रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई थी. वहीं, वित्तीय वर्ष 2023-24 में रजिस्ट्री में लगभग 07 फीसदी की गिरावट आयी. 81267 की जगह महज 75 हजार 998 जमीन के दस्तावेजों की रजिस्ट्री हुई है. इससे सरकार के खाते में 344 करोड़ 45 लाख 15 हजार 784 रुपये जमा हुई.

कातिबों का गुमटी होने लगा बंद, स्टांप बिक्री भी घटी

रजिस्ट्री ऑफिस से निबंधन करा कैंपस में गुमटी लगा बैठने वाले कातिबों की स्थिति भी खराब होने लगी है. रजिस्ट्री के घटने से कई कातिबों की गुमटियां अब बंद हो गयी है. वहीं, स्टांप बिक्री भी काफी घट गयी है. इससे कातिब के साथ-साथ स्टांप विक्रेताओं के समक्ष भूखमरी की स्थिति उत्पन्न होने लगी है. कातिबों का कहना है कि सरकार जब तक जमीन रजिस्ट्री में जमाबंदी अनिवार्य करने का जो नियम लागू किया है. इसे जब तक वापस नहीं करती है. तब से रजिस्ट्री ऑफिस की स्थिति नहीं सुधर सकती है.

जिले में कहां कितने जमीन के प्लॉट बिके

ऑफिस @ 2022-23 @ 2023-24

मुजफ्फरपुर @ 34774 @ 32427पारू @ 14258 @ 13422कटरा @ 11254 @ 10856सकरा @ 7108 @ 6491मोतीपुर @ 13873 @ 12802

प्रमंडल के जिले का राजस्व वसूली (करोड़ में)

जिला @ वार्षिक लक्ष्य @ वसूली

मुजफ्फरपुर @ 468.21 @ 377.82 करोड़

वैशाली @ 282.89 @ 225.73 करोड़

मोतिहारी @ 405.45 @ 321.15 करोड़

बेतिया @ 204.46 @ 170.49 करोड़

सीतामढ़ी @ 240.64 @ 195.75 करोड़ शिवहर @ 37.26 @ 30.80 करोड़

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