BPSC Result 2026: गंभीर बीमारी 'मस्कुलर डिस्ट्रॉफी' से जूझते हुए प्रत्यूष बने SDM

Edited by Sarfaraz Ahmad
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एसडीएम पद के लिए चयनित प्रत्यूष प्रभाकर

मुजफ्फरपुर के प्रत्यूष प्रभाकर ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी से जूझते हुए 70वीं BPSC परीक्षा पास कर SDM पद हासिल किया है. चौथे प्रयास में मिली इस सफलता के साथ उन्होंने दिव्यांग श्रेणी में बिहार में दूसरा स्थान प्राप्त किया.

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BPSC Result 2026: मुजफ्फरपुर शहर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र स्थित मदनानी गली निवासी प्रत्यूष प्रभाकर ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में सफलता हासिल कर एसडीएम पद के लिए चयनित होकर मिसाल पेश की है. मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत के दम पर यह उपलब्धि हासिल की.

बचपन में हुई बीमारी, कमर के नीचे का हिस्सा हुआ प्रभावित

मूल रूप से समस्तीपुर जिले के पूसा थाना क्षेत्र के दिघरा गांव निवासी प्रत्यूष प्रभाकर को बचपन में ही मस्कुलर डिस्ट्रॉफी नाम की बीमारी हो गई थी. समय के साथ उनके शरीर का कमर के नीचे का हिस्सा पूरी तरह प्रभावित हो गया और उनका चलना-फिरना बंद हो गया.

शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी टूटने नहीं दिया और घर से ही तैयारी जारी रखी.

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चौथे प्रयास में मिली सफलता, दिव्यांग वर्ग में दूसरा स्थान

प्रत्यूष ने इंटरनेट और ऑनलाइन संसाधनों की मदद से प्रतिदिन करीब सात घंटे पढ़ाई की. लगातार तीन प्रयासों में असफल रहने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर ली.

70वीं बीपीएससी परीक्षा में उन्होंने 1098वीं रैंक प्राप्त की. वहीं दिवyang श्रेणी में पूरे बिहार में दूसरा स्थान हासिल किया.

पिता बने सबसे बड़े सहायक और प्रेरणा

प्रत्यूष ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय पिता संजय कुमार को दिया है. उन्होंने कहा कि बीमारी के कारण वह कई काम खुद नहीं कर पाते थे, लेकिन उनके पिता हर कदम पर उनके साथ खड़े रहे.

प्रत्यूष बताते हैं कि बचपन में पिता उन्हें ट्राईसाइकिल पर बैठाकर स्कूल ले जाते थे. परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने से लेकर पढ़ाई के दौरान हर जरूरत में उन्होंने सहयोग किया.

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गोल्ड मेडलिस्ट हैं प्रत्यूष प्रभाकर

प्रत्यूष की मां नीलम कुमारी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग में प्रोफेसर हैं.

उन्होंने वर्ष 2016 में एलएस कॉलेज, मुजफ्फरपुर से राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद परास्नातक की उपाधि हासिल की और गोल्ड मेडलिस्ट बने.

उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और बिहार के तत्कालीन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं.

युवाओं के लिए प्रेरणा बनी सफलता

प्रत्यूष प्रभाकर की सफलता उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो किसी न किसी चुनौती का सामना कर रहे हैं. उन्होंने साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

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Sarfaraz Ahmad

लेखक के बारे में

By Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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