Muzaffarpur : भागवत कथा लोगों को दिखाती है मुक्ति का मार्ग
Published by : ABHAY KUMAR Updated At : 25 Jan 2026 10:17 PM
Muzaffarpur : भागवत कथा लोगों को दिखाती है मुक्ति का मार्ग
प्रतिनिधि, बंदरा नवयुवक नाट्य कला परिषद सह सांस्कृतिक मंच, घोसरामा के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा रविवार को घोसरामा ब्रह्मस्थान परिसर (पुस्तकालय) में शुरू हुई़ इसका का शुभारंभ आचार्य फुलकांत झा, विजय झा एवं मनोरंजन झा ने किया. कथा के मुख्य यजमान नवीन कुमार हैं. इस दौरान भजनों से पूरे गांव का माहौल भक्तिमय हो उठा. कथावाचक निकुंज मंजरी चंचला दीदी ने पहले दिन भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि मृत्यु को जानने से मृत्यु का भय मन से मिट जाता है. जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया. वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है. चंचला दीदी में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है. यह परमहंसों की संहिता है. भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है. भागवत कथा भगवान के प्रति अनुराग उत्पन्न करती है. यह ग्रंथ वेद, उपनिषद का सार रूपी फल है. यह कथा रूपी अमृत देवताओं को भी दुर्लभ है. मौके पर कमेटी के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, कोषाध्यक्ष संजीव कुमार, अनिल ठाकुर, कुंदन कुमार, महेश ठाकुर, राजकिशोर ठाकुर, रंजन ठाकुर, विद्यानंद ठाकुर, राजेश सिंह, ललन सिंह, हरिओम झा समेत दर्जनों महिलाएं एवं पुरुष मौजूद थे.
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