Muzaffarpur News: पुलिस लाइन में होगी AK-47 की जांच, फकुली थानेदार ने कोर्ट में दी अर्जी

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AK-47 (सांकेतिक)

मुजफ्फरपुर में बीते दिनों बिहार एसटीएफ द्वारा जब्त की गई AK-47 की जांच पुलिस लाइन में कारवाई जाएगी. इसके लिए कोर्ट में आवेदन दिया गया है.

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Muzaffarpur News: हथियार तस्कर विकास कुमार व मुखिया पुत्र देवमणि राय उर्फ अनीश के ठिकाने से जब्त किये गये एके- 47 की पुलिस लाइन में जांच करायी जायेगी. इसके लिए केस के आइओ सह फकुली थानेदार ललन कुमार ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की जायेगी. कोर्ट से आदेश मिलते ही AK-47 को जांच के लिए पुलिस लाइन लाया जायेगा. यहां जांच के बाद यह स्पष्ट हो पायेगा कि यह हथियार कितना कारगर है और किस स्तर की है इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस की अनुसंधान आगे की ओर बढ़ेगी.

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कैसे होगी AK-47 की ट्रैकिंग

कोर्ट से अनुमति मिलते ही के आइओ हथियार को जांच के लिए पुलिस लाइन लायेंगे. यहां लाइन डीएसपी या उनके समकक्ष पुलिस पदाधिकारी AK- 47 की जांच करेंगे. पुलिस की माने तो एके-47 हथियार पर अंकित आयुध नंबर से उसकी ट्रैकिंग की जा सकती है. जांच में यह साक्ष्य भी मिल सकते हैं कि यह हथियार किस आयुध कारखाना में बना और उसे कहां सप्लाई की गयी थी. किस – किस डीलर के पास यह हथियार पहुंचा था. इसके बाद उक्त डीलर से पूछताछ के बाद स्पष्ट होगा कि इसे किस एजेंसी को सप्लाई दी गयी. इस तरह ट्रैकिंग के आधार पर इस एके-47 की तस्करी के नेटवर्क में शामिल हथियार तस्करों के बारे में पुलिस को अहम सुराग हासिल हो सकती है.

हथियार तस्करों की जब्त मोबाइल की जांच के लिए भी दाखिल होगी अर्जी

इधर, फकुली थानेदार एके-47 के साथ गिरफ्तार किये गये हथियार तस्कर विकास व सत्यम और सप्लायर अहमद अंसारी के मोबाइल की जांच के लिए पुलिस कोर्ट से अनुमति लेंगे. इसके लिए भी वह जल्द ही कोर्ट में अर्जी दाखिल करेंगे. कोर्ट से अनुमति पर सर्विलांस एक्सपर्ट से मोबाइल की जांच करायी जायेगी, ताकि उसमें मौजूद एके-47 के साथ दिख रहे लोगों को जांच के दायरे में लाया जा सके. मोबाइल के साक्ष्य को भी केस डायरी में लाई जायेगी.

पुलिस ने विकास, सत्यम और अहमद के मोबाइल के कॉल डिटेल रिपोर्ट लेकर उसके नेटवर्क से जुड़े लोगों को चिह्नित कर रही है. सीडीआर के आधार पर संदिग्धों की सूची बनाकर ऑपरेशन एके-47 के तहत कार्रवाई की जायेगी.

जानकारी हो कि बीते सात मई को बिहार एसटीएफ व जिला पुलिस टीम ने पहले मुजफ्फरपुर स्टेशन से हथियार तस्कर विकास और सत्यम को उठाया था. उनके पास से एके-47 का बट और दूरबीन मिला था. दोनों से पूछताछ के बाद मनकौली गांव में मुखिया भाला राय का पुत्र देवमणि राय चिह्नित हुआ. देवमणि को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर श्मशान घाट में पुलिया के नीचे छिपाए गए के-47 को जब्त किया गया था.

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