::: नगर निगम के साथ-साथ जिले के तीनों नगर परिषद कांटी, साहेबगंज व मोतीपुर को भी सख्ती से साउंड पॉल्यूशन पर कंट्रोल करने का मिला निर्देश
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुरबॉक्स ::: इस तरीके से ध्वनि प्रदूषण पर पाया जा सकता है कंट्रोल
– अपने आसपास के ध्वनि स्तर की निगरानी करें.
– अगर आपको किसी जगह से ज्यादा शोर आ रहा है, तो स्थानीय प्राधिकरण से संपर्क करें.
– रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच कानूनी डेसीबल सीमा से ज्यादा शोर हो रहा है, तो पुलिस को कॉल करें.
– पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 100 या 112 पर भी शिकायत दर्ज कराएं.
बॉक्स :: ध्वनि प्रदूषण के बारे में जरूरी बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, 65 डेसीबल से ज्यादा का शोर ध्वनि प्रदूषण है. 70 डेसीबल से ज्यादा शोर के स्तर में लंबे समय तक रहने से श्रवण हानि हो सकती है. यही नहीं, 85 डेसीबल से ज्यादा शोर का स्तर कुछ घंटों के संपर्क में रहने के बाद खतरनाक हो सकता है. वहीं, 100 डेसीबल से ज्यादा का शोर तेजी से सुनने की हानि पैदा कर सकता है.
बॉक्स ::: शहरी क्षेत्र में चार तरह का लगेगा साइन बोर्ड
इंडस्ट्रियल एरिया में सुबह छह से रात्रि दस बजे तक 75 और रात्रि में दस से सुबह छह बजे तक 70 डेसीबल तक का शोर रहना चाहिए. इसके अलावा कमर्शियल एरिया में दिन में 65 एवं रात्रि में 55, रेसिडेंशियल एरिया में दिन में 55 एवं रात्रि में 45 एवं पब्लिक एरिया में दिन व रात दोनों समय में 10 डेसीबल से कम शोरगुल होना चाहिए. डीएम ने इससे संबंधित साइन बोर्ड सभी जगहों पर लगाने का आदेश जारी किया है.
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