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गांधी के सिद्धांतों को भूली सरकार, अंगरेजी हुकूमत की तरह हो रहा काम : रघुवंश

9 Apr, 2017 5:17 am
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गांधी के सिद्धांतों को भूली सरकार, अंगरेजी हुकूमत की तरह हो रहा काम : रघुवंश

अघोरिया बाजार स्थित आइबी भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में बोले मुजफ्फरपुर : राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह ने सीएम नीतीश कुमार पर फिर बड़ा हमला बोला है. उनका आरोप है कि सीएम नीतीश कुमार गांधी के सिद्धांतों को भूल चुके हैं. अंगरेजी हुकूमत के स्टाइल में सत्ता चला […]

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अघोरिया बाजार स्थित आइबी भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में बोले

मुजफ्फरपुर : राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह ने सीएम नीतीश कुमार पर फिर बड़ा हमला बोला है. उनका आरोप है कि सीएम नीतीश कुमार गांधी के सिद्धांतों को भूल चुके हैं. अंगरेजी हुकूमत के स्टाइल में सत्ता चला रहे हैं. लोकतांत्रिक सिद्धांतों व मूल्यों को भूल नीतीश कुमार गांधी के चंपारण सत्याग्रह का लीला करवा रहे हैं. लोकतांत्रिक तरीके से मांगों को लेकर आवाज बुलंद करनेवालों के साथ दमनात्मक रवैया अपना रहे हैं. इस इससे कोई फायदा नहीं होगा. वे अघोरिया बाजार स्थित जल संसाधन विभाग के आइबी कैंपस में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा,
सूबे में होमगार्ड, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, टीइटी-एसटीइटी शिक्षक, हाइ स्कूल के शिक्षक, वित्त रहित शिक्षक, प्रारंभिक शिक्षक सभी आंदोलन पर हैं. 72 हजार होमगार्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट व हाइ कोर्ट ने फैसला दिया. लेकिन उसे भी लागू नहीं किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि होम गार्डों को पुलिस कर्मियों के एक दिन के वेतन की औसत राशि उनकी ड्यूटी के हिसाब से दी जाये. कमोबेश सात से आठ सौ रुपये हर दिन में उन्हें मिलना है. हाइ कोर्ट का भी कुछ ऐसा ही आदेश था. सरकार मानने को तैयार नहीं है. आंदोलनों को दबा रही है. यहां तक कि अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे संगठनों से बात को भी तैयार नहीं है. आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को केंद्र के 11 काम व राज्य सरकार के 12 काम करने होते हैं. लेकिन, उन्हें राष्ट्रीय औसत से भी कम पैसे मिलते हैं. राज्य सरकार को इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है. कम से कम आंध्र व तेलंगाना जितना से पैसे दे. स्थिति यह है कि 12 वर्ष तक सीएम व तीन वर्ष तक पीएम रहनेवाले नरेंद्र मोदी को आशा कार्यकर्ताओं की जानकारी नहीं है. तो वे देश को कैसे जानेंगे? ओडिशा की आशा कार्यकर्ता यमुना मनी सिंह को
बेहतर कार्य के लिए सम्मान मिलने पर लोग गर्व करते हैं,
लेकिन, उन्हें लाभ क्या मिलता है शासन को पता नहीं, देश का क्या होगा? इस मौके पर राजद नेता डॉ विनोद प्रसाद यादव, वसीम अहमद मुन्ना व रमेश गुप्ता आदि मौजूद थे.
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रामलीला के नाम पर संघ वालों संविधान का मखौल उड़ाया
डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा, रामलीला का सीध मतलब राम के आचरण व सिद्धांतों से है, जो आदर्श उन्होंने दुनिया के सामने पेश किया. लेकिन, रामलीला के नाम से शहर से गांव तक संघ वालों ने तांडव मचाया. जितनी तलवारें शहर की दुकानों में नहीं थी, उससे ज्यादा तलवारें सभी के हाथों में दिख रही थी. लोगों को बिना हथियार एकत्र होने,
सम्मेलन करने का अधिकार है. लेकिन, तलवार लेकर सड़क पर उतरना संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है. यह सब भाजपा के इशारे पर हुआ है. यूपी चुनाव पर कहा, वहां सांप्रदायिक ताकतों की जीत हुई है. 60 फीसदी वोटों को बिखराव धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के बीच हुआ है. देश को बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा.
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