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बाढ़ का कहर: एक चिता पर तीन बच्चों का हुआ अंतिम संस्कार, दादी ने दी मुखाग्नि

Updated at : 18 Jul 2019 6:42 AM (IST)
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बाढ़ का कहर: एक चिता पर तीन बच्चों का हुआ अंतिम संस्कार, दादी ने दी मुखाग्नि

लाल निशान के करीब पहुंची बूढ़ी गंडक, बढ़ायी गयी चौकसी मुजफ्फरपुर : शहर से गुजरनेवाली बूढ़ी गंडक नदी का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है. खतरे को देखते हुए बांध पर चौकसी बढ़ा दी गयी है. नदी से निकलने वाले सभी स्लूइस गेट को बंद किया गया है. सिकंदरपुर में नदी […]

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लाल निशान के करीब पहुंची बूढ़ी गंडक, बढ़ायी गयी चौकसी
मुजफ्फरपुर : शहर से गुजरनेवाली बूढ़ी गंडक नदी का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है. खतरे को देखते हुए बांध पर चौकसी बढ़ा दी गयी है.
नदी से निकलने वाले सभी स्लूइस गेट को बंद किया गया है. सिकंदरपुर में नदी खतरे के निशान से सिर्फ 20 सेंटीमीटर नीचे है. खतरे का निशान 52.53 मीटर है, जबकि नदी 52.27 मीटर पर बह रही है. पानी का दबाव तटबंध पर पड़ने से एक दो स्थान पर रिसाव शुरू हो गया है. नदी का पानी शहर के करीब पहुंच गया है.
अखाड़ाघाट के समीप झीलनगर में मकान में चार से पांच फुट तक पानी घुसा हुआ है. यही हाल जीरोमाइल के पास वाले ढाग इलाके का है. घरों में पानी आ जाने से लोग सड़क पर टेंट बना समय गुजार रहे है. अहियापुर थाने के पास ढाई फुट पानी बह रहा है. मिठनसराय एवं विजयी छपरा बांध के काफी करीब पानी पहुंच गया है.
इससे लोग दहशत में हैं. चूहों के बिल खोजने में छूट रहे पसीने बूढ़ी गंडक बांध में चूहों के बिल खोजने में विभागीय अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं. भय इस बात का है कि अगर समय पर सूराख भरा नहीं गया तो नदियों में पानी का बहाव तेज होने पर तटबंध टूटने का खतरा बढ़ जायेगा. बांध में रिसाव के खतरे को देखते हुए बूढ़ी गंडक बांध पर बने सभी 90 स्लूस गेट तत्काल बंद कर दिया गया है.
बूढ़ी गंडक पर कुल 90 स्लुइस गेट, सभी को किया गया बंद
एक चिता पर तीन बच्चों का हुआ अंतिम संस्कार, दादी ने दी मुखाग्नि
मीनापुर (मुजफ्फरपुर) : शीतलपट्टी गांव में एक ही चिता पर तीन बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया और दादी ने मुखाग्नि दी. जानकारी के अनुसार, सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र की रानीखैरा पंचायत के शीतलपट्टी गांव में इन बच्चों की मौत बाढ़ में डूबने से हो गयी थी. बागमती की पुरानी धारा मे स्नान कर रहे बच्चे जब डूबने लगे तो उन्हें बचाने के लिए मां ने नवजात बेटे को गोद मे लिये नदी में छलांग लगा दी थी.
नवजात समेत तीन बच्चो की मौत हो गयी, जबकि महिला व एक बेटी को सुरक्षित निकाल लिया गया. एक ही चिता पर तीनों को लिटाया गया. पिता ने मुखाग्नि देने से इन्कार कर दिया. इसके बाद दादी शांति देवी ने अंतिम संस्कार की रस्म को पूरा किया.
डीएम नदी में भटके रास्ता, सीओ ने व्हाटसएप पर भेजा लोकेशन
मीनापुर (मुजफ्फरपुर). डीएम आलोक रंजन घोष बुधवार को मीनापुर के रघई गांव के लिए बोट से निकले. लेकिन, रास्ता भटक गये. बाढ़ पीड़ित रघई बांध पर डीएम की प्रतीक्षा में खड़े थे और डीएम को रघई का लोकेशन ही नहीं मिल रहा था. आखिरकार डीएम को बोट छोड़ किनारे आना पड़ा. इस दौरान मीनापुर के सीओ ने उन्हें लाइव लोकेशन भी भेजा. एनडीआरएफ की दो टीमों को उन्हें ढूंढ़ने को लगाया गया. करीब तीन घंटे के बाद वह रघई घाट पहुंच पाये. करीब दो बजे जदयू के प्रखंड अध्यक्ष पंकज किशोर पप्पू ने उनसे संपर्क किया. इसके बाद सभी ने डीएम को डुमरिया गांव में रिसीव किया.
अररिया में कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूटा
अररिया : अररिया के सिमराहा सहित जिले के अन्य हिस्सों में कई मुख्य व ग्रामीण सड़क क्षतिग्रस्त हो गयी है. इनमें कई सड़क ऐसी हैं, जिसका कोई अता-पता भी नहीं है. कई पुल -पुलिया, कलवर्ट बाढ़ में बह गये.
इससे कई गांवों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है. वहीं, पलासी प्रखंड की एक दर्जन से ज्यादा सड़क व कल्वर्ट बह गये. सड़क कट जाने लोगों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय से टूट गया है. इधर, सिकटी प्रखंड की मजरख पंचायत के टोला खुटहरा के वार्ड सात व आठ के करीब 16 परिवारों के घर बकरा नदी के कटाव में विलीन हो गये.
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