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मोरारी बापू ने कहा, अयोध्या में आपसी सहमति से बने राम मंदिर, इधर, बेगूसराय में साहित्य महाकुंभ के आयोजन की तैयारी पूरी

Updated at : 01 Dec 2018 8:18 AM (IST)
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मोरारी बापू ने कहा, अयोध्या में आपसी सहमति से बने राम मंदिर, इधर, बेगूसराय में साहित्य महाकुंभ के आयोजन की तैयारी पूरी

बोले मोरारी बापू – संवाद पुरुष थे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, मंदिर के लिए किया जाना चाहिए संवाद मुजफ्फरपुर : मानस मर्मज्ञ मोरारी बापू ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बने, लेकिन आपसी सहमति जरूरी है. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम संवाद पुरुष थे, इसलिए मंदिर निर्माण के लिए लोगों से संवाद किया जाना चाहिए. मोरारी बापू […]

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बोले मोरारी बापू – संवाद पुरुष थे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, मंदिर के लिए किया जाना चाहिए संवाद
मुजफ्फरपुर : मानस मर्मज्ञ मोरारी बापू ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बने, लेकिन आपसी सहमति जरूरी है. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम संवाद पुरुष थे, इसलिए मंदिर निर्माण के लिए लोगों से संवाद किया जाना चाहिए. मोरारी बापू ने ये बातें शुक्रवार को पताही एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में कहीं.
वे रामकथा के लिए सिमरिया जाने के क्रम में मुजफ्फरपुर आये थे. बापू ने सियाराम मय सब जग जानी करहुं प्रणाम जोरि जुग पानी… दोहा दोहराते हुए कहा कि बिहार की धरती मां जानकी की भूमि है. मां सीता का मतलब शांति व संपन्नता है. इस क्षेत्र में ऐसी ही संपन्नता बनी रहे. राजनीतिक गलियारे में भगवान का गोत्र उछाले जाने पर उन्होंने कहा कि राजनीतिज्ञ लोग ही जानें कि वे क्या बातें करते हैं.
मुझे राजनीति नहीं आती. काशी व मथुरा में राम मंदिर बनाने के सवाल पर उन्होंने हाथ उठा कर अपना समर्थन दिया. सिमरिया जाने के क्रम में मुजफ्फरपुर विश्राम के सवाल पर उन्होंने कहा कि यहां भक्तों का प्रेम खींच लाता है. खासकर बिहारीलाल टिकमानी का इतना आग्रह रहता है कि उसे टाल पाना मेरे लिए मुश्किल होता है. यहां आकर मुझे भी काफी प्रसन्नता होती है.
स्वर्ग लोक जैसे भव्य रूप में तब्दील हुआ सिमरिया धाम
बेगूसराय में साहित्य महाकुंभ के आयोजन की तैयारी पूरी
बेगूसराय. मिथिलांचल की पवित्र तीर्थनगरी और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि पर एक दिसंबर से आयोजित होने वाले साहित्य महाकुंभ की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.
साहित्य महाकुंभ की भव्य तैयारी से सिमरिया स्वर्ग लोक में तब्दील हो गया है. गुरुवार की शाम से ही साहित्य महाकुंभ स्थल पर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है. साहित्य महाकुंभ में मुख्य रूप से आकर्षण का केंद्र रामकथा और मोरारी बापू हैं. समारोह स्थल पर दो लाख श्रद्धालुओं के बैठने के लिए भव्य पंडाल बनाया गया है. साहित्य महाकुंभ की पूरी व्यवस्था पर ड्रोन कैमरे की नजर रहेगी.
शनिवार को अपराह्न चार बजे रामकथा वाचक मोरारी बापू के द्वारा रामकथा सह साहित्य महाकुंभ का शुभारंभ होगा. मोरारी बापू सिमरिया कार्यक्रम के दौरान मुजफ्फरपुर में रात्रि विश्राम करेंगे तथा शनिवार को अपराह्न 12बजे रामकथा परिसर में हेलीकॉप्टर से आयेंगे. कार्यक्रम के दृष्टिकोण से विभिन्न संभागों एवं कार्य दायित्वों का वितरण कर दिया गया है. मुख्य यजमान विपिन ईश्वर के नेतृत्व में आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम की तैयारी को अंतिम रूप दिया.
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