दो दंत चिकित्सक, बावजूद इलाज को तरस रहे मरीज
Updated at : 04 Apr 2026 6:54 PM (IST)
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सदर अस्पताल में भले ही पिछले कुछ सालों में आधारभूत संरचनाओं और सुविधाओं का विकास हुआ हो, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों के राजशाही अंदाज के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बदहाल होती जा रही है.
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बदहाल व्यवस्था. मात्र चार चिकित्सकों के भरोसे ही चलता रहा ओपीडी
मुंगेर. सदर अस्पताल में भले ही पिछले कुछ सालों में आधारभूत संरचनाओं और सुविधाओं का विकास हुआ हो, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों के राजशाही अंदाज के कारण स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बदहाल होती जा रही है. हाल यह है कि सदर अस्पताल में दो दंत चिकित्सक होने के बावजूद मरीजों को इलाज के लिये तरसना पड़ रहा है. शनिवार को भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. जहां सदर अस्पताल के ओपीडी में दंत ओपीडी बंद रहा. इस कारण दांत का इलाज कराने पहुंचे कई मरीजों को लौटना पड़ा. हद तो यह रही कि अस्पताल का पूरा ओपीडी शनिवार को मात्र चार चिकित्सकों के भरोसे ही चलता रहा.सदर अस्पताल में शनिवार को दंत ओपीडी रहा बंद
सदर अस्पताल में दांत के दो चिकित्सक है. इसमें एक डॉ पुतुल कुमारी और दूसरे डॉ रौनक सबा हैं. जिनकी ड्यूटी भी केवल ओपीडी में ही लगती है, लेकिन इसके बावजूद सदर अस्पताल में आये दिन दंत ओपीडी बंद ही रहता है. शनिवार को भी दंत ओपीडी बंद रहा. इस कारण न केवल मुंगेर शहर, बल्कि धरहरा, बरियारपुर से भी दांत का इलाज कराने पहुंचे दर्जनों मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा, क्योंकि शनिवार को दोनों दंत चिकित्सक में एक भी ड्यूटी पर नहीं थे.फिजिशियन व आयुष चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों की लगी रही लंबी लाइन
सदर अस्पताल में वैसे ही चिकित्सकों की काफी कमी है. उसमें भी आये दिन ओपीडी जैसी सेवाएं, जहां प्रतिदिन करीब 500 मरीज केवल एक शिफ्ट में इलाज कराने पहुंचते है. वहां मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती है. शनिवार को दोपहर 12 बजे तक जहां ओपीडी सेवा चार चिकित्सकों के भरोसे चलती रही. वहीं दोपहर बाद तो ओपीडी की जिम्मेदारी मात्र तीन चिकित्सक ही संभालते रहे. बताया गया कि शनिवार को फिजिशियन ओपीडी में डॉ हेमंत कपूर, हड्डी में डॉ निरंजन, आयुष ओपीडी में डॉ शशिधर और महिला ओपीडी में डॉ निधि थी, जबकि 12 बजे के बाद हड्डी विशेषज्ञ डॉ निरंजन के न्यायालय में गवाही में चले जाने के कारण ओपीडी में मात्र तीन चिकित्सक ही थे. ऐसे में फिजिशियन और आयुष चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही.कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ राजू ने बताया कि शनिवार को दंत चिकित्सक नहीं रहने के कारण ओपीडी सेवा बाधित रहने की जानकारी मिली है. अस्पताल उपाधीक्षक को मामले की जांच कर दोनों दंत चिकित्सकों के विरुद्ध स्पष्टीकरण और वेतन स्थगित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.——————————–
मॉनिटरिंग के अभाव में बदहाल हो रही व्यवस्थाएं
मुंगेर. अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की मॉनिटरिंग के लिये भले ही अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय बना है, लेकिन मॉनिटरिंग के जिम्मेदार अस्पताल उपाधीक्षक डॉ रामप्रवेश अपने कार्यालय से अधिक समय अपने क्लिनिक पर देते हैं. हाल यह है कि अस्पताल उपाधीक्षक सुबह 10 से 11 और अपराह्न 3 से 6 बजे तक ही कार्यालय में बैठते हैं, जबकि बांकी समय कार्यालय खाली ही रहता है. इससे न केवल चिकित्सक और कर्मी अपने मर्जी के अनुसार ड्यूटी करते हैं, बल्कि खुद अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय के कर्मी भी कार्यालय में रहने की जगह कभी अपने घर तो कभी अपने अन्य निजी कार्यों को निपटाने में व्यस्त दिखते हैं.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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