सीनेट बैठक की प्रत्याशा में दो कॉलेजों को नहीं मिली वोकेशनल विषय में संबद्धता

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सीनेट बैठक की प्रत्याशा में दो कॉलेजों को नहीं मिली वोकेशनल विषय में संबद्धता

2024 में सीनेट बैठक न होना दोनों कॉलेजों के लिए पड़ा भारी, अब 14 कॉलेजों के लिए भी बढ़ेगी मुश्किलें

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– 2024 में सीनेट बैठक न होना दोनों कॉलेजों के लिए पड़ा भारी, अब 14 कॉलेजों के लिए भी बढ़ेगी मुश्किलें

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय के अपने ही सक्षम प्राधिकारों की बैठक को लेकर लापरवाह रवैया अब कॉलेजों के लिए मुसीबत बनती जा रही है. वर्ष 2024 में सीनेट बैठक के आयोजन को लेकर विश्वविद्यालय की लापरवाही दो संबद्ध कॉलेजों पर भारी पड़ा है, क्योंकि सीनेट से अनुमोदन नहीं होने के कारण दोनों कॉलेजों के वोकेशनल विषयों में पढ़ाई आरंभ करने को लेकर संबद्धता के आवेदन को अस्वीकृत कर दिया है. जबकि 2025 में अबतक सीनेट बैठक न होने से संबद्धता के लिए आवेदन करने वाले 14 कॉलेजों की मुश्किल भी बढ़ सकती है. इतना ही नहीं एमयू द्वारा सक्षम प्राधिकार से अनुमोदन की प्रत्याशा में लिये गये कई निर्णयों पर भी अब तलवार लटक सकती है. पूर्व कुलपति प्रो श्यामा राय के अंतिम कार्यकाल के दौरान एमयू का सीनेट बैठक 2024 में नहीं हुआ था. एमयू के दो कॉलेज डा. अरविंद कुमार विमला कॉलेज, विशनपुर, जमुई तथा श्रीमति गंगा देवी मेमोरियल कॉलेज, सुदामपुर जमुई द्वारा सत्र 2024-27 में व्यवसायिक पाठ्यक्रम बीबीए तथा बीसीए के लिए संबद्धता को लेकर आवेदन किया गया था. जिसे विश्वविद्यालय द्वारा भी सिंडिकेट तथा सीनेट से अनुमोदन की प्रत्याशा में सरकार को भेज दिया गया. जिसे सरकार द्वारा सीनेट तथा सिंडिकेट से अनुमोदन प्राप्त नहीं होने के कारण अस्वीकृत कर दिया है. अब विश्वविद्यालय में यह हाल तब है, जब सरकार और खुद राजभवन उच्च शिक्षा में व्यवसायिक तथा रोजगार युक्त शिक्षा को बढ़ावा दे रही है.

14 कॉलेजों के लिए भी अब बढ़ेगी मुश्किल

नियमानुसार विश्वविद्यालय को अबतक सीनेट बैठक 2025 का आयोजन कर लेना था, क्योंकि 28 फरवरी से सरकार का बजट सत्र भी आरंभ हो रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय अबतक अपना बजट तक तैयार नहीं कर पाया है. जबकि साल 2025 के लिए भी अबतक 14 कॉलेजों ने अस्थायी व स्थायी संबद्धता के लिए आवेदन किया है.

वहीं संबद्धता के लिए आवेदन के बाद विश्वविद्यालय से भौतिक निरीक्षण को लेकर कॉलेजों ने अब निर्धारित शुल्क भी जमा करना शुरू कर दिया है, लेकिन विश्वविद्यालय अबतक न तो इन कॉलेजों के निरीक्षण को लेकर कमेटी बना पाया है और न ही इन कॉलेजों के आवेदन को लेकर कोई कार्य विश्वविद्यालय में चल रहा है. अब ऐसे में सीनेट बैठक में विलंब से संबद्धता के लिये आवेदन करने वाले 14 कॉलेजों की परेशानी भी बढ़ेगी.

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